{"_id":"68ea6618a0fe41eebf0b55f6","slug":"dont-insist-on-leaving-today-the-gothic-hall-resonated-with-ghazals-shimla-news-c-19-sml1002-615297-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: आज जाने की जिद न करो गजल से गूंजा गॉथिक हॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: आज जाने की जिद न करो गजल से गूंजा गॉथिक हॉल
विज्ञापन
गेयटी थियेटर में आयोजित कल्चरल कारवां में प्रस्तुति देते कलाकार। फोटो अमर उजाला
गेयटी थियेटर में जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव-2025 कल्चरल कारवां शुरू
कॉमेडियन रहमान खान ने की शिरकत
ऋचा जैन की कथक ने भी लूटी महफिल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर के गॉथिक हॉल में गायक मोहम्मद साकिब खान की गजल आज जाने की जिद न करो से हॉल गूंज उठा। दोपहर 3:15 बजे जैसे ही उनकी शास्त्रीय संगीत और गजल की प्रस्तुतियां शुरू हुईं, तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल झूम उठा। इसके अलावा ऋचा जैन और उनके समूह की कथक प्रस्तुति तथा शाम को डॉ. ममता जोशी और उनके समूह की सूफी एवं लोक गायन प्रस्तुति ने भी महफिल लूटी।
जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव 2025 कल्चरल कारवां की शुरुआत शनिवार को दोपहर 2:45 बजे हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन स्टैंड-अप कॉमेडियन रहमान खान और मशहूर शायर गुलजार वानी ने किया। कारवां की शुरुआत हास्य का सफर शीर्षक सत्र से हुई। इसमें रहमान खान और अनस फैजी के जबरदस्त से दर्शकों ने खूब ठहाके लगाए।
गायक साकिब खान ने अपनी प्रस्तुति में आली री अलबेली सुंदर नार, रुकब-ए-रबानी और महबूब-ए-सुबानी जैसी बंदिशें प्रस्तुत कीं। इन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद ऋचा जैन और उनके समूह ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया। इसमें रक्स करना है तो फिर पांव की जंजीर ना देख शामिल थी। शाम का समापन डॉ. ममता जोशी और समूह की प्रस्तुति तेरे इश्क नचाया से हुआ, जिसने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया।
विज्ञापन
मुंबई से आए स्टैंड-अप कॉमेडियन रहमान खान ने कहा कि वे मुंबई में ही पले-बड़े हैं। वे 30 साल से थियेटर में काम कर रहे हैं और 18 सालों से स्टैंड-अप कॉमेडी कर रहे हैं। वे 2007 में लाफ्टर चैलेंज, कॉमेडी सर्कस और कपिल शर्मा शो में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी शिमला में पहली प्रस्तुति है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रिज मैदान पर करवा चौथ का सैलिब्रेशन भी देखा, जो उनके लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा।
रहमान खान ने युवाओं से कहा कि आज इंटरनेट पर हर तरह का कंटेंट उपलब्ध है, इसलिए युवा सही और गलत का चयन सोच-समझकर करें। यदि कोई युवा स्टैंड-अप कॉमेडी करना चाहता है, तो उसे मुंबई जाकर बड़े प्रोड्यूसरों के दरवाजे खटखटाने की जरूरत नहीं। वे अपने फोन का इस्तेमाल करके भी अपना नाम बना सकता है और दर्शकों तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल में बहुत टैलेंट है, इसलिए उन्हें सही मंच मिलना चाहिए।
विज्ञापन
कॉमेडियन रहमान खान ने की शिरकत
ऋचा जैन की कथक ने भी लूटी महफिल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर के गॉथिक हॉल में गायक मोहम्मद साकिब खान की गजल आज जाने की जिद न करो से हॉल गूंज उठा। दोपहर 3:15 बजे जैसे ही उनकी शास्त्रीय संगीत और गजल की प्रस्तुतियां शुरू हुईं, तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल झूम उठा। इसके अलावा ऋचा जैन और उनके समूह की कथक प्रस्तुति तथा शाम को डॉ. ममता जोशी और उनके समूह की सूफी एवं लोक गायन प्रस्तुति ने भी महफिल लूटी।
जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव 2025 कल्चरल कारवां की शुरुआत शनिवार को दोपहर 2:45 बजे हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन स्टैंड-अप कॉमेडियन रहमान खान और मशहूर शायर गुलजार वानी ने किया। कारवां की शुरुआत हास्य का सफर शीर्षक सत्र से हुई। इसमें रहमान खान और अनस फैजी के जबरदस्त से दर्शकों ने खूब ठहाके लगाए।
विज्ञापन
गायक साकिब खान ने अपनी प्रस्तुति में आली री अलबेली सुंदर नार, रुकब-ए-रबानी और महबूब-ए-सुबानी जैसी बंदिशें प्रस्तुत कीं। इन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद ऋचा जैन और उनके समूह ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया। इसमें रक्स करना है तो फिर पांव की जंजीर ना देख शामिल थी। शाम का समापन डॉ. ममता जोशी और समूह की प्रस्तुति तेरे इश्क नचाया से हुआ, जिसने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया।
विज्ञापन
मुंबई से आए स्टैंड-अप कॉमेडियन रहमान खान ने कहा कि वे मुंबई में ही पले-बड़े हैं। वे 30 साल से थियेटर में काम कर रहे हैं और 18 सालों से स्टैंड-अप कॉमेडी कर रहे हैं। वे 2007 में लाफ्टर चैलेंज, कॉमेडी सर्कस और कपिल शर्मा शो में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी शिमला में पहली प्रस्तुति है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रिज मैदान पर करवा चौथ का सैलिब्रेशन भी देखा, जो उनके लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा।
रहमान खान ने युवाओं से कहा कि आज इंटरनेट पर हर तरह का कंटेंट उपलब्ध है, इसलिए युवा सही और गलत का चयन सोच-समझकर करें। यदि कोई युवा स्टैंड-अप कॉमेडी करना चाहता है, तो उसे मुंबई जाकर बड़े प्रोड्यूसरों के दरवाजे खटखटाने की जरूरत नहीं। वे अपने फोन का इस्तेमाल करके भी अपना नाम बना सकता है और दर्शकों तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल में बहुत टैलेंट है, इसलिए उन्हें सही मंच मिलना चाहिए।