फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   doctors negligence case at igmc.

अंगुली के फ्रैक्चर का किया ऐसा इलाज, अब काटनी पड़ेगी बाजू

Thu, 22 Oct 2015 11:51 AM IST
Updated Thu, 22 Oct 2015 11:51 AM IST
विज्ञापन
doctors negligence case at igmc.

हिमाचल का सबसे बड़ा आईजीएमसी अस्पताल एक बार फिर विवादों में आया है। यहां के चिकित्सकों पर लापरवाही से इलाज करने के आरोप लगे हैं। अंगुली में फ्रेक्चर का ऐसा इलाज किया कि अब नौबत बाजू काटने की आ गई है। युवक के पिता ने कहा कि चिकित्सकों की वजह से उनका बेटा अपाहिज हो जाएगा। परिजन युवक का अब लुधियाना में एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।

विज्ञापन


परिजनों का आरोप है कि जब डॉक्टरों ने केस पूरी तरह से बिगाड़ दिया तो मंगलवार शाम को उन्हें पीजीआई जाने की सलाह दी। सोलन जिला के ओच्छघाट तहसील के गांव कलोड़ के मदन लाल भाटिया ने कहा कि बीते रविवार को रबौण के पास उनके बेटे रोहित (31) को किसी गाड़ी ने टक्कर मार दी। इससे वह घायल हो गया।

विज्ञापन

जूनियर डॉक्टरों ने चढ़ाया था प्लास्टर

doctors negligence case at igmc.

घायल होने के बाद उसे सोलन अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां से आईजीएमसी रेफर कर दिया। रोहित को बाएं बाजू की अंगुलियों में फ्रेक्चर था। आईजीएमसी में जूनियर डॉक्टरों ने दोनों बाजूओं में पलास्टर कर दिया। सोमवार को ऑपरेशन के लिए कहा गया और जूनियर डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान बाएं बाजू की कलाई में रबड़ बैंड था।

उसी के ऊपर ड्रेसिंग करते रहे। जिस समय डॉक्टर ड्रेसिंग करने आते थे उस वक्त उन्हें बाहर भेज दिया जाता था। वीरवार को उनके भांजे ने ड्रेसिंग के दौरान रबड़ बैंड देख लिया। डॉक्टर को कहा तब जाकर रबड़ बैंड को निकाला गया। तब तक ब्लड सर्कुलेशन रुक चुकी थी। डॉक्टरों ने फिर ऑपरेशन कर दिया। मदन लाल भाटिया का आरोप है कि ऑपरेशन भी ठीक नहीं रहा।

डॉक्टरों ने कहा, काटनी पड़ सकती है बाजू

doctors negligence case at igmc.

मंगलवार को डॉक्टरों ने कहा कि बाजू काटनी पड़ सकती है। केस बिगड़ गया है, इसे पीजीआई ले जाओ। इसके बाद कुछ कागजों पर उनसे दस्तखत भी करवाए। कहा कि वे अंगुलियों का इलाज करवाने आए लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही से बाजू काटनी पड़ सकती है। रोहित ड्राइवर की नौकरी करता है।

अब कैसे गाड़ी चला पाएगा, कैसे गुजारा चलाएगा। मदन लाल ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अभी वह बेटे के इलाज के लिए लुधियाना में हैं। लौटने के बाद आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

आईजीएमसी के ऑर्थों विभागाध्यक्ष प्रो. मुकुंद का कहना है कि मेरी जानकारी में केवल इतनी बात ध्यान में लाई गई कि रोहित नाम के मरीज को परिजनों ने स्वेच्छा से उसे आईजीएमसी अस्पताल से ले जाने की इच्छा जताई। इस पर उन्हें भेज दिया गया। परिजन जो आरोप लगा रहे हैं उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस समय मैं राज्य से बाहर हूं। लौट कर ही मामले की सही जानकारी लेकर कुछ बता पाऊंगा।

'रोहित सड़क हादसे में घायल हुआ था उसे इलाज के लिए यहां लाया गया था। उसका ऑपरेशन हुआ। परिजनों का यह आरोप लगाना कि उसकी कलाई के पास रबड़ बैंड लगा था जिस वजह से ब्लड सर्कुलेशन रुका, यह तर्कसंगत नहीं है। परिजन लिखित में शिकायत कर सकते हैं।' -डॉ. रमेश, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed