इस सदी की सबसे शुभ दिवाली, ये है पूजा का मुहूर्त
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आज यानि गुरुवार के दिन दिवाली का यह खास संयोग 95 वर्षों बाद बना है। यह दिन भगवान विष्णु का है इसलिए मां लक्ष्मी की पूजा करने पर भगवान विष्णु की कृपा स्वत: ही प्राप्त होगी। यही नहीं इस दिन गुरु बृहस्पति के अपनी उच्च राशि कर्क में रहने से यह त्योहार और भी शुभकारक बन गया है। इस बार गुरुवार को दीपावली मनाई जा रही है।
पंडित पुरषोत्तम शर्मा के अनुसार गुरुवार के दिन दीपावली का होना अतिशुभ है। यह संयोग 95 वर्ष पूर्व 23 अक्तूबर 1919 में भी पड़ा था। इसके बाद अब यह संयोग 70 वर्षों के बाद बनेगा। पंडित पुरषोत्तम का कहना है कि दीपावली के दिन सूर्य, शनि, चंद्रमा तथा शुक्र एक साथ तुला राशि में संचरण करेंगे।
ये रहेगा दीपावली पर पूजन का शुभ मुहूर्त
सूर्य अपनी नीच राशि में शनि, बुध एवं गुरु क्रमश: अपनी उच्च राशियों तुला, कन्या एवं कर्क राशि में रहेंगे। इन्हीं ग्रह योगों के कारण इस पर्व पर महासंयोग बन रहा है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से भगवान विष्णु की भी विशेष कृपा प्राप्त होगी।
व्यापारी बारह से तीन के बीच करें पूजा: व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में दिन के समय दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक दीपावली की पूजा अत्यंत शुभ होगा। इस दौरान लाभ एवं अमृत चौघड़िया तथा मकर एवं कुंभ चर एवं स्थिर लगभन विद्यमान रहेगा। यदि इस समय कोई पूजा से वंचित रह जाता है तो इसके बाद अपराह्न 4.30 से सांय छह बजे तक पूजन शुभ रहेगा।
घर पर करें छह से नौ के बीच पूजन
गृहस्थों के लिए प्रदोष कला में दीपावली पूजन अति उत्तम होगा। इस बार सांय छह बजे से रात्रि नौ बजे तक घरों में पूजन के लिए शुभ समय होगा। इस दौरान अमृत और चौघड़िया तथा मेष चर तथा वृष स्थिर लगभन विद्यमान रहेगा।