सूट सही तरीके से न सीलने पर दर्जी को चार हजार जुर्माना, कानूनी खर्च भी करना होगा अदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला उपभोक्ता फोरम ने एक रोचक मामले में अपना फैसला सुनाते हुए दर्जी को तय माप के मुताबिक सूट न सिलने और ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार करने पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा दो हजार कानूनी खर्च और आठ सौ रुपये वसूली गई सिलाई की रकम को अदा करने के आदेश दिए हैं।
फोरम के न्यायाधीश एससी कैंथला और सदस्य योगिता दत्ता ने यह आदेश जारी करते हुए 45 दिन के भीतर जुर्माना राशि, कानूनी खर्च और सिलाई का पैसा शिकायकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं। मिडल बाजार शिमला के एक दर्जी के खिलाफ महिला ग्राहक ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि दर्जी को उसने वर्ष 2016 में कपड़े का एक सूट सिलाई करने को दिया था।
इस पर दर्जी ने 2 दिसंबर 2016 को इसे सीलकर देने का आश्वासन दिया था। दर्जी ने उससे इसके लिए एडवांस में आठ सौ रुपये सिलाई की रकम ली थी। 8 दिसंबर 2016 को जब शिकायतकर्ता महिला अपने पति और बेटी के साथ सूट लेने दुकान पर आई तो सूट की फिटिंग देखकर हैरान रह गई।
कपड़ों की फिटिंग दर्जी को दिए माप के मुताबिक सही नहीं थी। इस पर शिकायतकर्ता ने दर्जी को अपनी समस्या बताई। महिला ने दर्जी पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। इस पर दर्जी को अपने वकील के माध्यम से 12 दिसंबर 2016 को लीगल नोटिस भेजा।
इसका दर्जी ने कोई जवाब नहीं दिया। महिला ने इसके बाद 21 जनवरी को उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करवाई दी। इस पर फोरम ने फैसला सुनाते हुए दर्जी को सिलाई के पैसे सहित जुर्माना राशि और कानूनी खर्च के रूप में चार हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं।