वरिष्ठ नौकरशाहों के बाद अब निचले स्तर पर होगा फेरबदल
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प्रशासनिक सचिवों के कार्यभार में बदलाव के बाद निचले स्तर के अफसरों और जिलों के प्रशासनिक पदों पर भी तबादले हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने चार माह में अधिकारियों के कामकाज का मूल्यांकन कर शनिवार को वरिष्ठ आईएएस अफसर बदले। इसी कड़ी में सचिव स्तर से निचले अफसरों के विभागों में फेरबदल किया जाना संभावित है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट सत्र के बाद नौकरशाही में फेरबदल का इशारा किया था। सत्र के तुरंत बाद सरकार ने सौ दिन के एजेंडे और अगले 6 माह के लक्ष्य तय किए। इस बीच विपक्ष सरकार की प्रशासनिक क्षमताओं को लेकर लगातार सवाल उठाता रहा।
आखिरकार मुख्यमंत्री ने शनिवार को वरिष्ठ आईएएस अफसरों के विभागीय प्रभार बदले। प्रधान सचिव मुख्यमंत्री मनीषा नंदा की कुर्सी खिसकने पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री के अपने कार्यालय से तबादलों की शुरुआत से नौकरशाही को स्पष्ट संकेत मिला है कि सरकार अब नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
इसके बाद अब सरकार विशेष सचिव स्तर के अफसर के साथ उनके समकक्ष जिलों के प्रशासनिक ओहदों में बदलाव करेगी। शासन स्तर पर इसको लेकर कसरत चल रही है। कानून व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील जनपदों में इन तबादलों का असर दिखेगा।
ट्रायल के तौर पर अतिरिक्त कार्यभार
वरिष्ठ नौकरशाहों के विभागीय प्रभारों में फेरबदल में सरकार ने कई अहम महकमे राजस्व, कार्मिक, कृषि, परिवहन आदि का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। जिन अफसरों को यह महकमे बतौर अतिरिक्त प्रभार दिए हैं, उनका प्रदर्शन अगर बेहतर नहीं रहा तो इनका प्रभार दूसरे अफसरों को दिया जाएगा।
अग्रवाल के लौटने तक प्रबोध के पास चार्ज- अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं सतर्कता बीके अग्रवाल के अवकाश से लौटने तक सरकार ने उनके विभागीय प्रभार प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना को सौंपे हैं। शनिवार को प्रबोध का विभागीय प्रभार हटाकर अग्रवाल को सौंपा था।