{"_id":"59c35aff4f1c1be4738b5bc6","slug":"district-administration-issued-notice-to-panchayat-for-misuse-of-govt-fund","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर डकारे लाखों, जिला प्रशासन ने मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर डकारे लाखों, जिला प्रशासन ने मांगा जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उपमंडल डोडरा क्वार की एक पंचायत के प्रधान और सचिव के खिलाफ लाखों रुपये के घोटाले के आरोप लगे हैं। दोनों ने 14 वित्तायोग में कांट छांट, जलागम योजनाओं का धन ऐंठने, पंचायत निधि का गलत उपयोग और पंचायत कागजों में लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी धनराशि में गोलमाल कर दिया।
विज्ञापन
पंचायत सचिव और प्रधान की मिलीभगत से करीब 12 लाख रुपये धनराशि का दुरुपयोग किया है। जिला प्रशासन और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने ग्राम पंचायत प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा इन दोनों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
सरकारी रेट से ज्यादा कीमत पर खरीदे पौधे
ग्राम सभा की ओर से चयनित योेजनाओं को अपने स्तर पर बदला और खरीदे गए पौधों को सरकारी रेटाें से अधिक कीमत पर खरीदा गया। लाभार्थियों को पौधे कम दिए और रजिस्टर में पूरे दिखाए गए। इसके अलावा लाभार्थियाें के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। पंचायती राज अधिनियम/वित्त नियम 2002 के प्रावधानों का उल्लंघन करके 8 लाख 24 हजार 200 रुपये का दुरुपयोग किया।
विज्ञापन
प्रधान के निजी खाते में डाल दिया पैसा
पंचायत निधि 13वां और 14वें वित्तायोग से तीन लाख की धनराशि बिना औपचारिकताएं पूरी कर मरम्मत के लिए निकाली गई। लेकिन वह धनराशि विकास कार्यों पर खर्च की बजाय सीधे पंचायत प्रधान के निजी खाते में जमा की र्गई।
बिना अनुमति के खरीदा फर्नीचर
ग्राम पंचायत कार्यालय के फर्नीचर लिए बिना बजट प्रावधान और ग्राम पंचायत में पारित किए बिना 72 हजार की राशि निकाली गई। लेकिन निकाले गए धनराशि से फर्नीचर पंचायत में उपलब्ध नही करवाए गए।
110 रुपये प्रति कार्ड लोगों से वसूला
ग्राम पंचायत में डिजिटल राशन कार्ड जारी करने के लिए गृह कर के तौर पर 54 परिवारों से 5940 रुपये वसूले गए, लेकिन पंचायत सचिव ने राशि पंचायत खाते में जमा करने की बजाय अपने पास रख दी।