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Shimla News: जिले के विकासखंडों में सूखे के चलते सर्दियों के पौधों की बिक्री का कार्य लटका
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बगीचों में नमी के लिए बारिश का इंतजार, बीते वर्ष 30 दिसंबर से शुरू हो गई थी बिक्री
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बीते तीन महीनों से चल रहे सूखे के चलते जिले के विकासखंडों में सर्दियों के पौधों की बिक्री का कार्य लटक गया है। वहीं बगीचों में नमी और नए पौधों की रोपाई करने के लिए बारिश का इंतजार है। बीते वर्ष जिले के विकासखंडों में 30 दिसंबर से पौधों की बिक्री शुरू हो गई थी। इस बार अभी तक केवल दत्तनगर में पौधों की बिक्री हुई है जिसमें रूट स्टॉक, स्टोन फ्रूट, सेब और नाशपाती के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा सभी विक्रय केंद्रों पर बारिश के बाद ही बिक्री शुरू होगी।
मशोबरा विकासखंड के उद्यान विषय विशेषज्ञ प्रदीप हिमराल ने बताया कि मशोबरा ब्लॉक में पांच हजार पौधों की डिमांड है। इसमें फेदर प्लांट कुल्लू से आएंगे। बताया कि सूखे के चलते अभी विभाग की नर्सियों में पौधों को उखाड़ा नहीं गया है और न ही बागवान इस समय नए पौधे रोपने का रिस्क ले रहे हैं। बारिश के तुरंत बाद ही विक्रय केंद्र में बिक्री शुरू कर दी जाएगी।
उद्यान विभाग जिला शिमला की उपनिदेशक सुदर्शना नेगी ने बताया कि इस बार जल्दी पौधों की बिक्री शुरू करने की योजना थी, लेकिन लंबे ड्राई स्पैल के चलते इसे बारिश होने तक टाल दिया गया है। बागवानों को उनकी मांग के अनुसार सेब के फेदर प्लांट, रूट स्टॉक और स्टोन फ्रूट के प्लांट उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बीते तीन महीनों से चल रहे सूखे के चलते जिले के विकासखंडों में सर्दियों के पौधों की बिक्री का कार्य लटक गया है। वहीं बगीचों में नमी और नए पौधों की रोपाई करने के लिए बारिश का इंतजार है। बीते वर्ष जिले के विकासखंडों में 30 दिसंबर से पौधों की बिक्री शुरू हो गई थी। इस बार अभी तक केवल दत्तनगर में पौधों की बिक्री हुई है जिसमें रूट स्टॉक, स्टोन फ्रूट, सेब और नाशपाती के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा सभी विक्रय केंद्रों पर बारिश के बाद ही बिक्री शुरू होगी।
मशोबरा विकासखंड के उद्यान विषय विशेषज्ञ प्रदीप हिमराल ने बताया कि मशोबरा ब्लॉक में पांच हजार पौधों की डिमांड है। इसमें फेदर प्लांट कुल्लू से आएंगे। बताया कि सूखे के चलते अभी विभाग की नर्सियों में पौधों को उखाड़ा नहीं गया है और न ही बागवान इस समय नए पौधे रोपने का रिस्क ले रहे हैं। बारिश के तुरंत बाद ही विक्रय केंद्र में बिक्री शुरू कर दी जाएगी।
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उद्यान विभाग जिला शिमला की उपनिदेशक सुदर्शना नेगी ने बताया कि इस बार जल्दी पौधों की बिक्री शुरू करने की योजना थी, लेकिन लंबे ड्राई स्पैल के चलते इसे बारिश होने तक टाल दिया गया है। बागवानों को उनकी मांग के अनुसार सेब के फेदर प्लांट, रूट स्टॉक और स्टोन फ्रूट के प्लांट उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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