सड़क बनी नहीं और सीएम से करवा दिया उद्घाटन, लोगों में गुस्सा
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हिमाचल के जिला कुल्लू में वर्ष 1978 से निर्माणाधीन छह किलोमीटर लंबी सड़क आज दिन तक पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि इस सड़क पर बने पुल का रविवार को लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री से बाकायदा उद्घाटन करवा दिया।
वहीं लोगों में रोष है कि जब सड़क ही अधूरी है तो इस पुल का क्या फायदा उन्हें मिलेगा। वे तो आज भी पैदल ही सफर करने के लिए बाध्य है, आपात स्थिति में उन्हें मरीज को अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी आती हैं।
स्थानीय निवासी टेक राम, जगदीश ठाकुर और योगराज का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने आनन-फानन में पुल से आगे आधा किलोमीटर सड़क का निर्माण कर तारकोल बिछा दिया है। तलाड़ा पुल का निर्माण विभाग ने सिर्फ मुख्यमंत्री के लिए किया है।
सड़क को पुल से कुछ दूरी आगे तक पक्का किया गया। जहां पर मुख्यमंत्री ने उठाऊ पेयजल योजना का शिलान्यास किया। इसके आगे की सड़क बुरी तरह से उखड़ी हुई है और इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। यह सड़क चलने योग्य तक नहीं है।
अभी भी चारपाई पर उठा ले जाते हैं मरीज
देवगढ़ गोही और भलाण-2 के सैकड़ों लोगों को सड़क सुविधा नहीं होने के कारण खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में ग्रामीणों के अधिकतर उत्पाद घर पर भी सड़ जाते हैं और गांव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे चारपाई में उठाकर लाना पड़ता है।
लोक निर्माण विभाग 1978 से आज दिन तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से तलाड़ा-कुड़ागाड़ सड़क का कार्य शीघ्र करवाने की मुख्यमंत्री से मांग की है।
इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता हिमांशु विष्ट का कहना है कि मुख्यमंत्री ने पुल का उद्घाटन कर दिया है। अब बचा हुआ सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर दिया जाएगा।