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वक्फ बोर्ड की बैठक पर विवाद, जानिए क्या है वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:46 PM IST
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बगैर सीईओ के ही वक्फ बोर्ड की बैठक करने पर विवाद खड़ा हो गया है। बोर्ड के कुछ सदस्यों ने बुधवार को हुई बैठक को अवैध करार दिया है। इन सदस्यों ने समय पर बैठक की सूचना न देने पर नाराजगी जाहिर की और कहा की बोर्ड की बैठक के लिए न उन्हें पहले एजेंडा दिया गया और न ही इसकी सूचना दी गई। इसे लेकर बोर्ड के चार सदस्यों ने प्रदेश सरकार के राजस्व सचिव को पत्र भी लिखा है।
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हालांकि, इस बैठक में बोर्ड के कर्मचारियों को चार फीसदी डीए देने का फैसला ले लिया गया। इससे पहले वक्फ बोर्ड के सीईओ रहे जहूर एच जैदी गुड़िया मामले में न्यायिक हिरासत में चले होने के कारण ये बैठक बगैर सीईओ के ही हुई।
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राज्य सरकार ने अभी तक किसी भी दूसरे अधिकारी को सीईओ की तैनाती नहीं दी है। बुधवार को हुई वक्फ बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक बोर्ड के अध्यक्ष ख्वाजा खलीलउल्लाह की अध्यक्षता में हुई। इसमें बोर्ड के सदस्य शोकतुल्ला, मुराद खान, मुश्ताक कुरैशी, मुहम्मद शफी, आमिर हुसैन और रोशन दीन मौजूद रहे। बोर्ड के सदस्यों ने पत्र में कहा गया है कि यह बैठक बोर्ड के सीईओ की ओर से बुलाई जाती है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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बोर्ड सदस्य मुफ्ती मोहम्मद शफी कासमी ने कहा कि 11 सितंबर को इस बैठक की चिट्ठी पोस्ट की गई और ये 13 को मिली, जबकि ऐसा 10 दिन पहले किया जाना चाहिए। एजेंडे की प्रति भी सात दिन पहले देनी होती है। जो नहीं दी गई। बोर्ड के सीईओ पद का अतिरिक्त कार्यभार डीसी ऊना युनुस को दिया जाए। उन्हें बोर्ड की कार्यशैली की जानकारी है। बोर्ड की बैठक में हुए फैसलों की सरकारी स्तर पर समीक्षा होनी चाहिए।
ये भी हुए फैसले
बोर्ड के कार्यालय को शिफ्ट करने का भी निर्णय लिया गया है। वर्तमान में जिस भवन में बोर्ड का कार्यालय चल रहा है, वह जीर्ण-शीर्ण हालत में है और ये भवन भी अनसेफ है। सरकार से कोई दूसरा कार्यालय भवन मांगा जाएगा। बोर्ड ने इन भवन में रह रहे किरायेदारों को भी भवन खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। बैठक में विधवाओं की पेंशन के मामलों पर भी चर्चा की गई और जिन विधवाओं को पिछले तीन माह से पेंशन नहीं दी जा सकी थी, उनको पेंशन की राशि जारी करने का निर्णय लिया गया है।