सोनिया गांधी के हिमाचल दौरे से कांग्रेस में उठा विवाद
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कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रस्तावित कांगड़ा दौरे पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस सरकार में वरिष्ठ मंत्री जीएस बाली के न्योते पर होने वाले सोनिया के इस दौरे से मुख्यमंत्री ने खुद को अलग कर लिया है। उनका कहना है कि सोनिया का कांगड़ा में सरकार की ओर से कोई कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है, वहीं बाली ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री महान हैं।
परिवहन, खाद्य आपूर्ति और तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली के दावे के मुताबिक कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी की प्रस्तावित रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि हिमाचल सरकार की तरफ से ऐसा कोई भी कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है। उनका (जीएस बाली का) घर का कोई कार्यक्रम हो तो यह अलग बात है।
पत्रकारों के पूछने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार सवेरे मालरोड शिमला में इस बारे में तीखी प्रतिक्रिया दी। सूत्रों की मानें तो परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कांगड़ा में इस आयोजन के लिए सोनिया गांधी को न्योता देने से पहले सीएम वीरभद्र सिंह को भी विश्वास में नहीं लिया है। इसी से नाखुश सीएम ने इसे सरकारी नहीं, बल्कि जीएस बाली का घर का कार्यक्रम करार दिया है।
बाली बोले - मुख्यमंत्री महान, उन पर कमेंट नहीं करूंगा
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की इस प्रतिक्रिया के बाद परिवहन मंत्री जीएस बाली बोले - सीएम के बयान पर कोई कमेंट नहीं करूंगा। मुख्यमंत्री महान हैं। हम तो पहले से ही मजदूर कुटिया में रहते हैं। इससे ज्यादा कुछ कहना ठीक नहीं।
परिवहन मंत्री जीएस बाली की नगरोटा बगवां में राजीव गांधी की प्रतिमा के अनावरण और इंजीनियरिंग कॉलेज के उद्घाटन के बहाने शक्ति प्रदर्शन की योजना है। वे इस बारे में दिल्ली जाकर सोनिया गांधी को हिमाचल आने का न्योता दे चुके हैं।
बाली पहले ये दावा कर चुके हैं कि सोनिया गांधी ने उनका आमंत्रण स्वीकार कर लिया है और जल्दी ही ये कार्यक्रम फाइनल हो जाएगा। सोनिया की इस प्रस्तावित रैली को हिमाचल में गरमाए सियासी माहौल में निचले हिमाचल विशेषकर कांगड़ा जिले में जीएस बाली के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।