{"_id":"5d41489e8ebc3e6cd710e377","slug":"dispute-between-pawan-rana-and-ramesh-dhwala-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"राणा समर्थकों ने सोशल मीडिया में तेज किया अभियान, धवाला खेमा नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राणा समर्थकों ने सोशल मीडिया में तेज किया अभियान, धवाला खेमा नाराज
Wed, 31 Jul 2019 01:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 31 Jul 2019 01:24 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुटबाजी दबाने की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की लाख कोशिशों का असर होता नजर नहीं आ रहा। पहले रमेश धवाला और उनके समर्थकों ने संगठन महामंत्री पवन राणा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था लेकिन मुख्यमंत्री की मध्यस्थता के बाद धवाला की ज्वाला कुछ कम हो गई। लेकिन इस बीच पवन राणा के समर्थन में संगठन के अंदर से आवाज उठने लगी है।
विज्ञापन
हाल यह है कि पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर ‘मैं पवन राणा के साथ’ हैशटैग के साथ अभियान तेज कर दिया है। वैसे तो यह अभियान राणा के समर्थन में है लेकिन ऐसे समय पर यह शुरू हुआ है, जब धवाला और राणा के बीच का विवाद सर्वविदित है। चूंकि संगठन का काम गुटबाजी रोकना होता है लेकिन यहां गुटबाजी संगठन के ही पदाधिकारी के पक्ष में हो रही है। ऐसे में धवाला गुट ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष से अपनी नाराजगी जता दी है।
विज्ञापन
सीएम ने तलब किए कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के पालक परमार
विवादों का केंद्र बने कांगड़ा के संसदीय पालक व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें विभिन्न मुद्दों को लेकर तलब किया था।
विज्ञापन
बैठक के दौरान कांगड़ा में चल रहे सियासी बवाल और स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार व अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने परमार के रवैये को लेकर असंतोष जताया था। संगठन की ओर से पालक बनाए जाने के चलते उन्हें हर हाल में विवाद को खत्म करने के लिए प्रयास करने के लिए कहा गया। साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री कार्यालय में होगा बदलाव
सियासी बवाल के बीच जल्द ही मुख्यमंत्री कार्यालय का चेहरा भी बदल सकता है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यालय में तैनात कुछ अधिकारियों को बदलकर नए चेहरों को तैनाती दी जा सकती है। साथ ही पुराने चेहरों को और जिम्मेदारी देने की चर्चा चल रही है। फिलहाल उच्चतम स्तर पर इस बदलाव को लेकर मंथन जारी है और माना जा रहा है कि अगले दस दिन के भीतर बड़ा बदलाव हो सकता है।