Shimla: नई दुकानों पर ताले जड़कर सड़क पर बेच रहे हैं सामान
शिमला के आजीविका भवन में चंद दिन पहले नई दुकानें मिलने के बावजूद कई तहबाजारियों ने इन पर ताले जड़ दिए हैं। इन्होंने फिर से रामबाजार की सड़क पर जाकर सामान बेचना शुरू कर दिया है।
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शिमला के आजीविका भवन में चंद दिन पहले नई दुकानें मिलने के बावजूद कई तहबाजारियों ने इन पर ताले जड़ दिए हैं। इन्होंने फिर से रामबाजार की सड़क पर जाकर सामान बेचना शुरू कर दिया है। कई ऐसे हैं जिन्होंने बाजार में बने अपने पुराने शेड में ही दुकानें सजा दी हैं। इनका तर्क है कि त्योहारी सीजन के बावजूद आजीविका भवन में ग्राहक नहीं आ रहे। उन्हें नई दुकानों का मासिक किराया तक निकालना मुश्किल हो रहा है। नई दुकान का किराया जीएसटी समेत छह हजार से ज्यादा है। कमाई न के बराबर है। ऐसे में इन्हें नई दुकानें बंद करनी पड़ी हैं।
रामबाजार में दोबारा दुकानें सजने से सड़क पर अतिक्रमण बढ़ गया है। इससे आम जनता का बाजार में पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। उधर नगर निगम ने इन्हें सड़क पर दुकानें न सजाने को कहा था लेकिन नेताओं के दबाव के बीच अब नगर निगम को दिवाली तक इन्हें रामबाजार में ही दुकान चलाने की राहत देनी पड़ी है। आजीविका भवन में शिफ्ट हो चुके कई अन्य तहबाजारी और कारोबारी भी अब धीरे-धीरे रामबाजार जाकर सामान बेचना शुरू कर रहे हैं। हालत यह है कि आजीविका भवन में तिब्बती कारोबारियों के अलावा बाकी ज्यादातर दुकानें आजकल बंद हो गई हैं।
नहीं तोड़ी दुकान, उसी में बेच रहे हैं सामान
नगर निगम ने करीब छह करोड़ की लागत से आजीविका भवन तैयार किया है। इसमें अब तक 150 से ज्यादा दुकानें आवंटित हो चुकी हैं। 70 से ज्यादा तिब्बती कारोबारी भी इसमें शामिल हैं। यह सभी रामबाजार, तिब्बती मार्केट, गंज से इस भवन में शिफ्ट किए हैं। निगम ने सबके लिए शर्त रखी थी कि पुरानी दुकान तोड़ने पर ही नई दुकान मिलेगी लेकिन गंज और रामबाजार के ज्यादातर तहबाजारियों ने पुरानी दुकानें नहीं तोड़ी हैं। अब कई इन्हीं दुकानों में जाकर अपना सामान बेच रहे हैं। नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि कारोबारियों की ओर से मांग की थी कि उन्हें दिवाली तक शिफ्टिंग की मोहलत दी जाए ताकि उनका कारोबार प्रभावित न हो। दिवाली के बाद सभी को आजीविका भवन शिफ्ट होना पड़ेगा।