HP Congress: प्रत्याशियों की देरी से घोषणा, अफसरशाही और सरकार में नियुक्तियां न मिलना हार के कारण
चारों संसदीय क्षेत्र में हुई कांग्रेस की हार के कारणों पर मंथन के लिए प्रदेश पार्टी मुख्यालय राजीव भवन शिमला में सोमवार सुबह समीक्षा बैठक शुरू हुई।
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हिमाचल प्रदेश के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का प्रत्याशियों की देरी से घोषणा, हावी रही अफसरशाही और सरकार में नियुक्तियां नहीं मिलने को मुख्य कारण माना जा रहा है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में रजनी पाटिल और पीएल पुनिया के समक्ष मंडी और हमीरपुर संसदीय सीट के नेताओं ने बेबाकी से हार के कारणों को लेकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने भी हाईकमान की ओर से भेजे गए दोनों सदस्यों के साथ हार के कारणों को लेकर विस्तार से चर्चा की। इनके अलावा पार्टी प्रत्याशियों, मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों, विधायकों और जिला अध्यक्षों ने भी अपना पक्ष रखा। मंगलवार को कांगड़ा और शिमला संसदीय सीट को लेकर बैठक होगी। इसके अलावा दो सदस्यीय कमेटी नई दिल्ली जाकर हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
सोमवार सुबह 11 बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक राजीव भवन में विभिन्न नेताओं के साथ रजनी पाटिल और पीएल पुनिया ने मुलाकात की। सबसे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ दोनों नेताओं ने बैठक की। करीब आधा घंटा इन वरिष्ठ नेताओं ने हार के कारणों की समीक्षा करते हुए अपने-अपने तर्क दिए। इसके अलावा मंडी संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी रहे लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और हमीरपुर से प्रत्याशी सतपाल रायजादा ने अपना पक्ष रखा।
पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर सहित कई नेताओं ने भी पाटिल और पुनिया से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि नेताओं ने हाईकमान की ओर से भेजी गई फैक्ट फाइंडिग कमेटी के समक्ष कहा कि सरकार के 18 माह के कार्यकाल में ही अफसरशाही हावी हो गई है। सरकार की योजनाओं को सही तरीके से जनता तक नहीं पहुंचाया गया। कई योजनाएं समय से लागू भी नहीं की गई। सरकार और संगठन में समन्वय की कमी को भी कुछ नेताओं ने हार का कारण बताया। अधिकांश नेताओं ने पार्टी प्रत्याशियों के नाम तय करने में हुई देरी का मामला भी उठाया। कुछ नेताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर चर्चा नहीं की गई। जिला के नेताओंं को विश्वास में नहीं लिया गया। कुछ नेताओं ने मोदी फैक्टर को भी कांग्रेस की हार का कारण बताया।
लोकसभा चुनाव में 14 फीसदी बढ़ा कांग्रेस का मत प्रतिशत : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का मत प्रतिशत 14 फीसदी बढ़ा है। विधानसभा चुनाव 2022 में भी मत प्रतिशत बढ़ा था। लोकसभा चुनाव में सरकार के प्रदर्शन को देखते हुए लोगों ने वोट दिया। यह बढ़े हुए मत प्रतिशतता में दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी जांच के कारण तलाश रही है। यह कहना गलत होगा कि प्रत्याशियों का चयन देरी से हुआ। सिर्फ हमीरपुर में देरी हुई, अन्य जगह समय से प्रत्याशी तय कर लिए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश में विधानसभा के छह उपचुनाव जीते हैं। हिमाचल की जनता ने छह उपचुनावों में कांग्रेस को जिताकर देश में संदेश दिया है कि चुनी गई सरकारों को अस्थिर करने को वह पसंद नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने षड्यंत्र रचते हुए कांग्रेस सरकार को गिराने का प्रयास किया। इसके लिए नेता विपक्ष जयराम ठाकुर दोषी हैं। कहा कि प्रदेश में सरकार बनते ही हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का हमने काम किया।
दिल्ली जाकर हाईकमान को सौंपेंगे रिपोर्ट : रजनी
रजनी पाटिल ने कहा कि प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्र के सभी विधायकों, मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारी से चर्चा करते हुए हार के कारणों का पता लगाया जाएगा। दिल्ली वापस जाकर हाईकमान को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। दोनों सदस्य दिल्ली में बैठकर कर चुके हैं। अब हिमाचल के बाद उत्तराखंड जाएंगे।