वीरभद्र पर धूमल का निशाना, दिया ये बयान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस सरकार राजनीतिक प्रतिशोध पर उतर आई है। राजनीतिक प्रतिशोध के चलते ही प्रदेश सरकार एचपीसीए पर धड़ाधड़ झूठे केस बनाने में लगी है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए धूमल ने कहा कि कुछ लोग भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग के आरोपों में घिरे हुए हैं। जबकि, हम पर खेल का विकास करने के बावजूद झूठे केस बनाए जा रहे हैं।
एचपीसीए के खिलाफ कोर्ट में दायर दो चालान पर धूमल ने कहा कि यह मामला अदालत में है। इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। कोर्ट ही दूध का दूध और पानी का पानी करेगा। शिक्षक दिवस पर विक्रमादित्य की ओर से पुतला फूंकने की बात पर धूमल ने कहा कि कुछ लोगों को शिक्षा की बातें अच्छी नहीं लगती हैं।
इस समय प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा। विकास ठप है। कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते की किस्त भी नहीं मिल रही है। इससे बचने के लिए सरकार की ओर से बनाई गई रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी भी मजाक बन गई है।
मंत्री एक दूसरे पर लगा रहे भ्रष्टाचार के आरोप
एक मंत्री को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाने का निर्णय कैबिनेट ने लिया। बाद में इसे सीएम ने बदल दिया। सरकार के कुछ मंत्री एक-दूसरे के विभागों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं।
बेरोजगारी भत्ते के वायदे से मुकरी कांग्रेस
धूमल ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सत्ता में प्रदेश पर्यटन में पिछड़ता जा रहा है। चुनाव में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा कर कांग्रेस अब मुकर गई है। कांग्रेस धोखे से सत्ता में आई है।
प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के लिए कांग्रेस सरकार ने नेता प्र्रतिपक्ष से कोई सुझाव नहीं मांगा। कांग्रेस के राज में एक चेयरमैन पर प्रति माह चार से पांच लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आपदा प्रभावितों के लिए जारी 78 करोड़ की राशि का भी कांग्रेस हिसाब दे।