क्या यहां जीत का खाता खोल पाएगी 'टीम इंडिया'?
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टीम इंडिया के लिए धर्मशाला वनडे आसान नहीं रहने वाला है। सीरिज में एक एक से बराबरी पर चल रही दोनों टीमों के लिए ये मैदान कई चुनौतियां पेश करने वाला है। टीम इंडिया को यहां अभी तक पहली जीत की तलाश है।
इस मैदान पर अभी तक एक मैच खेला गया है। यह मैच 27 जनवरी 2013 को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। इस मैच में भारत को सात विकेट से हार झेलनी पड़ी थी।
ये पिच भारत के अन्य मैदानों की तुलना में बिल्कुल अलग है। यहां की पिच में तेज उछाल रहता है। पिच में तेजी और उछाल को देखते हुए इसकी तुलना आस्ट्रेलिया के पर्थ जैसी पिचों से भी की जाती है।
टॉस हो सकता है महत्वपूर्ण
हालांकि, धर्मशाला की पिच बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के लिए बेहतरीन होगी। लेकिन इसके बावजूद टॉस काफी अहम हो सकता है। यहां शाम के समय ओस गिरती है। जिससे गेंदबाजी करना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम यहां पहले गेंदबाजी करना चाहेगी। एचपीसीए के चीफ पिच क्यूरेटर सुनील चौहान ने कहा कि 17 अक्तूबर को होने वाले भारत और वेस्टइंडीज के मैच में धर्मशाला की पिच दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
मैच के दौरान पूरे 100 ओवर में गेंद एक जैसी बाउंस होगी। धर्मशाला की पिच दुनिया की सबसे तेज पिचों में शुमार है। एचपीसीए पिच को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।
रैना पर रहेगा दारोमदार
इस मैदान पर अभी तक कोई बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया है। यहां सबसे ज्यादा रन बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने बनाए हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में 87 रन बनाए थे।
उनके अलावा कैप्टन धोनी भी यहां आईपीएल मैचों में शानदार बल्लेबाजी कर चुके हैं। चौथा वनडे दोपहर ढाई बजे शुरू होगा जबकि तीन बजे मैच की पहली गेंद फेंकी जाएगी।
दोनों टीमें वीरवार शाम तक धर्मशाला पहुंच रही है। माना जा रहा है कि मैच से पहले दोनों टीमें शुक्रवार को यहां हल्का अभ्यास भी करेंगी।