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हिमाचल: मंडी में एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रही महिला, बेटे-पति को नुकसान की धमकी देकर ठगे 15.50 लाख
Mon, 21 Sep 2026 10:50 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:50 AM IST
सार
मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने एक महिला को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखने का दावा करते हुए उससे 15.50 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि ठगों ने खुद को पुलिस, सीबीआई और आरबीआई के अधिकारी बताकर महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का डर दिखाया। इसके बाद बेटे और पति को अगवा करने तथा नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
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डिजिटल अरेस्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर ठगों ने कानून के नाम पर डर का ऐसा जाल बुना कि मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की एक महिला करीब एक महीने तक उनके बताए निर्देशों का पालन करती रही। फर्जी अधिकारी बनकर की गई धमकी और परिवार को नुकसान पहुंचाने के डर के बीच महिला से उसकी जिंदगीभर की जमा पूंजी के 15.50 लाख रुपये ठग लिए गए।
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पीड़िता के अनुसार, उसे पहली बार 15 अगस्त को फोन आया था। फोन करने वाली महिला ने खुद को दिल्ली पुलिस से बताया और कहा कि उसके खिलाफ मामला दर्ज है। इसके बाद उसकी कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी से बात करवाई गई। महिला ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान उसे वर्दी पहने एक व्यक्ति दिखाई दिया। इसके बाद उसे विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि उसके खिलाफ गंभीर मामला चल रहा है। ठगों ने उसे किसी परिजन या बैंक अधिकारी को इस बारे में जानकारी देने से भी मना किया।
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पीड़िता के अनुसार, इसके बाद करीब एक महीने से अधिक समय तक उसे इसी तरह मानसिक दबाव में रखा गया। ठगों ने उसे बताया कि उसके बैंक खातों और दस्तावेजों की आरबीआई के माध्यम से जांच की जा रही है। उसे यह भरोसा भी दिया गया कि दस्तावेज अदालत में जमा होने के बाद उसकी पूरी रकम वापस खाते में डाल दी जाएगी। लेकिन इसी भरोसे के बीच ठगों ने महिला से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। पीड़िता के अनुसार, उसने अपनी जमा पूंजी दो बार ठगों के बताए खातों में भेजी। कुल रकम 15.50 लाख रुपये बताई गई है। ठगी का शक होने के बाद महिला ने आखिरकार अपने परिजनों को पूरी बात बताई। परिवार ने उसे संभाला और मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाना मंडी में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की आगामी जांच धर्मपुर पुलिस थाना के प्रभारी एवं जांच अधिकारी की ओर से की जा रही है।
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पुलिस ने दी डिजिटल अरेस्ट से बचने की सलाह
मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने लोगों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर लोगों को मानसिक दबाव में लेते हैं।
उन्होंने लोगों से कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी जानकारी या रकम साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल पर पुलिस, बैंक, आरबीआई या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराता है और पैसे ट्रांसफर करने को कहता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं। साइबर ठगी होने की स्थिति में इसकी शिकायत तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर करने की सलाह दी गई है। इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों और आरोपियों तक किस तरह पहुंच बनाई जाती है। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने लोगों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर लोगों को मानसिक दबाव में लेते हैं।
उन्होंने लोगों से कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी जानकारी या रकम साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल पर पुलिस, बैंक, आरबीआई या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराता है और पैसे ट्रांसफर करने को कहता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं। साइबर ठगी होने की स्थिति में इसकी शिकायत तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर करने की सलाह दी गई है। इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों और आरोपियों तक किस तरह पहुंच बनाई जाती है। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।