लवी मेला: घुड़दौड़ में धर्मपाल का घोड़ा रहा प्रथम
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लवी मेला मैदान में सोमवार को अश्व प्रदर्शनी का रोमांच देखने को मिला। घोड़ा रेस और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे। पशु पालन विभाग की ओर से आयोजित अश्व प्रदर्शन के समापन अवसर पर एडीसी शिमला देवश्वेता बनोली ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। रामपुर के मेला मैदान में सोमवार को अश्व प्रदर्शनी का विधिवत समापन हो गया। प्रदर्शनी के समापन अवसर पर अश्व पालकों ने गुब्बारा फोड़ दौड़ और घुड़दौड़ में भाग लिया।
सबसे पहले अश्व पालकों के लिए गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में आंखों में पट्टी बांधकर घुड़सवारों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में मदन लाल, गांव यांगपा जिला किन्नौर ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया।
इसके बाद 400 मीटर दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें रामपुर उपमंडल के सुरड़ के धर्मपाल ने पहला स्थान हासिल किया, वहीं दूसरे नंबर पर उरज्ञान दोर्जे, गांव कुंगरी, जिला लाहौल स्पीति का घोड़ा रहा।
800 मीटर दौड़ में भी धर्मपाल के घोड़े ने बाजी मारी। वहीं दूसरे स्थान पर उरज्ञान दोर्जे का घोड़ा रहा। धर्मपाल ने बीते वर्ष भी पहले स्थान पर बाजी मारी थी। इसके अलावा अमीचंद, गांव खाब, जिला किन्नौर के नर घोड़े को सर्वोत्तम घोड़ा और सोमकृष्ण, गांव नांन, मंडी की मादा घोड़ी को सर्वोत्तम चुना गया।
पशुपालन विभाग द्वारा बीते तीन दिनों में कुल 362 घोड़ों का पंजीकरण किया गया। मैदान में विभाग की सूचना के अनुसार इस बार सबसे मंहगा घोड़ा 51 हजार रुपये में बिका।
प्रदर्शनी के समापन अवसर पर सहायक निर्देशक डॉ. अशोक चौहान, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुबेर शर्मा, डॉ. गुलशन, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. सुरेश कपूर सहित अन्य मौजूद रहे।