नशा कारोबारियों की गिरफ्त में हिमाचल, अंतरराष्ट्रीय स्मगलर तक सक्रिय
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हिमाचल नशा कारोबारियों की गिरफ्त में है। इस काले कारोबार के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्मगलर भी हैं। इस बुराई से खोखली होती युवा पीढ़ी के बचाव को अब सरकार एकाएक जाग गई है। अपराधियों की प्रापर्टी फ्रीज की जा रही है। हाइब्रिड विदेशी बीजों से उगी भांग, अफीम के पौधे युद्धस्तर पर उखाडे़ जा रहे हैं।
ड्रग्स के लिए आने वाले कच्चे माल पर भी पैनी नजर है। मंगलवार को नशे के कारोबार से चिंतित मुख्य सचिव वीसी फारका और डीजीपी संजय कुमार ने राज्य सचिवालय में संयुक्त पत्रकार वार्ता की। उन्होंने ये भी साफ किया कि ऐसे अपराधियों को कोई राजनीतिक शह नहीं है। उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि वे नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे पहुंचाएं। वीसी फारका ने कहा कि मुख्यमंत्री से ये बात की जा रही है कि नशाखोरी को रोकने के लिए क्या स्पेशल सेल बनाई जानी चाहिए।
मुख्य सचिव वीसी फारका ने आम लोगों का आह्वान किया कि वे नशाखोरी और इसके सौदागरों के खिलाफ मुहिम में सरकार का साथ दें। जो भी इस कारोबार में संलिप्त पाया गया, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हाईब्रिड भांग कुल्लू में ही नहीं, इसे शिलाई, नाहन और तीसा में भी उगाया जा रहा है।
सरकार तमाम ठिकानों को सेटेलाइट इमेज से देख चुकी है। उन्होंने कहा कि शिमला के जतोग में नशे के एक कारोबारी के पास चार करोड़ की प्रापर्टी है। ऐसी संपत्तियां फ्रीज होंगी। इस बुराई के खिलाफ स्थानीय बोली में नुक्कड़-नाटकों से जागरूकता अभियान चलेेंगे। स्कूली बच्चों, युवा और महिला मंडलों की भी मदद लेंगे।
डीजीपी संजय कुमार ने कहा कि 2015 और 2016 में एनडीपीएस के कुल दर्ज 99 मामलों मेें वित्तीय छानबीन हुई है। कांगड़ा में चार मामलों संपत्ति फ्रीज की गई है। हिमाचल आ रहे ड्रग्स के कच्चे माल का पूरा ब्योरा लिया जाएगा कि कहां किसका किस मात्रा में इस्तेमाल हुआ। गड़बड़ी पर कठोर कार्रवाई होगी।
भारत सरकार को मंजूरी को भेजा हिमाचल में संशोधित अधिनियम
फारका ने कहा कि हिमाचल में संशोधित कॉस्मेटिक्स एंड ड्रग्स एक्ट को संशोधित करने के लिए भारत सरकार को भेजा गया है। इसमें ड्रग्स बेचने वाले के परिसर को सील करने, अपराध का भार साबित करने को संबंधित आरोपी पर ही डालने जैसे कड़े प्रावधान हैं।
वर्ष 2016 में दर्ज हुए 929 मामले, गांजा की ज्यादा मात्रा पकड़ी
हिमाचल में एनडीपीएस एक्ट में वर्ष 2016 में रिकार्ड 929 मामले दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2015 में 622 और 2014 में 644 मामले दर्ज किए गए। 2016 में पिछले साल की तुलना में ज्यादा मात्रा में यानी 90.74 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया। वर्ष 2015 में 0.835 किलो गांजा पकड़ा गया।
तीन साल में 27 विदेशियों को गिरफ्तार किया
नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रापिक सबस्टांसेस एक्ट के तहत हिमाचल पुलिस ने पिछले तीन साल में 27 विदेशियों को गिरफ्तार किया। वर्ष 2014 में 740 भारतीय, 15 विदेशी, 2015 में 723 भारतीय, 6 विदेशी और वर्ष 2016 में 1079 भारतीय तथा 6 विदेशी पकड़े गए।
हाल ही में कुल्लू पुलिस ने एक अमेरिकन को 125.966 किलोग्राम गांजा, 10.296 किलो हशीश तेल और 2.792 किला हशीश ऑइल सोलिड के साथ पकड़ा। एक नाइजेरियन से 1.565 किलो हेरोइन को कब्जे मेें लिया गया।
सजा दर बढ़ाएगी पुलिस
डीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पिछले दस साल में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में कुल सजा दर 28.11 फीसदी रही है। इस दर को वर्ष 2015 में बढ़ाकर 35.29 प्रतिशत किया गया है। आने वाले वक्त में ये बढ़ा दी जाएगी।
इस हेल्पलाइन पर दे जानकारी
फारका और संजय कुमार ने कहा कि नशा कारोबारियों की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9459100100 पर सूचना दी जा सकती है।