पढ़िए, किन किन को मिला डीजीपी डिस्क अवॉर्ड?
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पुलिस मैदान धर्मशाला में 47वीं राज्य स्तरीय तीन दिवसीय पुलिस खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ डीजीपी संजय कुमार ने किया। इस अवसर पर अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा परायणता एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए 42 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया गया।
इनमें आईपीएस राकेश अग्रवाल, सतवंत अटवाल त्रिवेदी, डीके चौधरी, एचपीएस एसपी अशोक कुमार, आईपीएस एसपी दलजीत सिंह ठाकुर, आईपीएस विमल गुप्ता एचपीएस, भजन देव नेगी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला को इस सम्मान से सम्मानित किया गया।
इनके अलावा जोगिंद्र सिंह निरीक्षक, हरि कृष्ण शर्मा अधीक्षक ग्रेड-1, कुशल सिंह निरीक्षक सीआईडी, भगवंत सिंह निरीक्षक सीआईडी, जगदीश चंद निरीक्षक, निधी सिंह निरीक्षक पीटीसी डरोह, एसआई लाल चंद, एसआई बिन्नी मिन्हास, एसआई प्रकाश चंद, एसआई देवराज पीटीसी डरोह, एसआई महेशेंद्र सिंह, एएसआई बृज लाल, एएसआई दया राम, एसएसआई नारायण सिंह, एएसआई इंद्र दत्त को भी ये अवॉर्ड मिला है।
ये भी हुए सम्मानित
एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई कुलदीप चंद, एएसआई कामेश्वर, एचसी अशोक कुमार, एचसी चमन लाल, एचसी हमीद मोहम्मद, एचसी सत्यपाल, एचसी देवेंद्र कुमार, एचसी संदीप कुमार, हैड कांस्टेबल चतर सिंह, हैड कांस्टेबल प्रमोद सिंह, एल/सीटी रीता कुमार, सीटी रवि कुमार, कांस्टेबल यशवंत सिंह, कांस्टेबल हेम राज, कांस्टेबल सुधीर मेहरा को भी सम्मानित किया गया।
कांस्टेबल सोनू कुमार, राम सिंह निरीक्षक, सीटी गिरधारी लाल, सीटी राजेश कुमार भी शामिल रहे। शुभारंभ अवसर पर डीजीपी ने कहा कि खेलों में भाग लेने से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और खेल भावना जैसे उच्च चारित्रिक गुणों का विकास होता है। प्रतियोगिता का एक अंग पुलिस ड्यूटी से संबंधित भी है।
इसमें ड्राइविंग, फोरेंसिक साइंस, वायरलेस यूनिकेशन, तोड़-फोड़ जांच आदि विषयों की प्रतिस्पर्धा से पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार और विकास होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्य दक्षता भी विकसित होगी। उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में चार जोन के 400 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।