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Shimla News: डीएफओ नदारद, एफआरए की बैठक से स्थगित
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13 सड़कों पर होना था फैसला
डीएफओ रोहड़ू और शिमला शहरी बिना अग्रिम सूचना के रहे गायब
डीसी बोले-बिना वजह काम लटकाने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिमला। वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक को वन मंडल अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित करना पड़ा। बैठक में डीएफओ रोहड़ू और शिमला शहरी बिना अग्रिम सूचना के अनुपस्थित रहे। इसके साथ ही अपने स्थान पर दोनों रेंज ऑफिसर को बैठक के लिए भेज दिया।
बैठक की सूचना सभी अधिकारियों को 27 जनवरी को दी गई थी। इस बैठक में डोडरा क्वार उपमंडल से संबंधित 9 गांव के वन अधिकारों का निपटारा किया जाना था। इसके साथ बैठक में रोहड़ू उपमंडल की 3 सड़कों के मामले एवं शिमला शहरी क्षेत्र के 2 विकासात्मक मामलों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाना था। इस बात पर उपायुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि जिले में विकास कार्यों को बिना वजह लटकाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है जिसमे अधिनियम के तहत लोगों को दिए जाने वाले अधिकार और क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों के लिए सही समय पर फैसले नहीं लिए जा सकते हैं। उपायुक्त ने इस गैर जिम्मेदाराना रवैये के लिए प्रधान सचिव वन विभाग एवं मुख्य अरण्यपाल से आग्रह किया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को ऐसे महत्वपूर्ण बैठकों में अनुपस्थित रहने से कार्य प्रभावित होता है। ऐसे आम जन के हितों के ठोस फैसले लेने में देरी होती है।
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डीएफओ रोहड़ू और शिमला शहरी बिना अग्रिम सूचना के रहे गायब
डीसी बोले-बिना वजह काम लटकाने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिमला। वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक को वन मंडल अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित करना पड़ा। बैठक में डीएफओ रोहड़ू और शिमला शहरी बिना अग्रिम सूचना के अनुपस्थित रहे। इसके साथ ही अपने स्थान पर दोनों रेंज ऑफिसर को बैठक के लिए भेज दिया।
बैठक की सूचना सभी अधिकारियों को 27 जनवरी को दी गई थी। इस बैठक में डोडरा क्वार उपमंडल से संबंधित 9 गांव के वन अधिकारों का निपटारा किया जाना था। इसके साथ बैठक में रोहड़ू उपमंडल की 3 सड़कों के मामले एवं शिमला शहरी क्षेत्र के 2 विकासात्मक मामलों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाना था। इस बात पर उपायुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि जिले में विकास कार्यों को बिना वजह लटकाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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उपायुक्त ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है जिसमे अधिनियम के तहत लोगों को दिए जाने वाले अधिकार और क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों के लिए सही समय पर फैसले नहीं लिए जा सकते हैं। उपायुक्त ने इस गैर जिम्मेदाराना रवैये के लिए प्रधान सचिव वन विभाग एवं मुख्य अरण्यपाल से आग्रह किया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को ऐसे महत्वपूर्ण बैठकों में अनुपस्थित रहने से कार्य प्रभावित होता है। ऐसे आम जन के हितों के ठोस फैसले लेने में देरी होती है।
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