देवस्थल में दुकानें सजाने पर देवता नाराज, प्रशासन से लिया 21 हजार मुआवजा
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देवस्थल पर दुकानें सजाने से बिफरे कुल्लू के अधिष्ठाता देव धूमल नाग अपने देवालय नहीं गए। करीब 35 किमी का सफर तय देवता देर रात भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में पहुंच गए। खुले आसमान में रात बिताने के बाद सुबह देवता रघुनाथ के सुल्तानपुर स्थित देवालय पहुंच गए और यहां नाराजगी जाहिर की।
इसके बाद देवता अपने कारिंदों के साथ एसपी और डीसी कार्यालय पहुंच गए। देवता को देख अफसरों के होश उड़ गए। आननफानन में अफसरों ने देवताओं के कारिंदों के साथ बैठक की। इस दौरान कारिंदों ने सारी बात अधिकारियों के सामने रखी।
कारिंदों ने बताया कि ढालपुर में देवताओं के अस्थायी शिविर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। देवताओं के बैठने वालों स्थानों को दूषित किया जा रहा है। देवता के कारदार जवाहर लाल ने बताया कि दशहरा के दौरान देवधुन और शंख ध्वनि पर भी देवता नाराज हैं।
इस पर अफसरों ने देवता से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि देवताओं के स्थान को साफ सुथरा रखा जाएगा। देवता को आने जाने के खर्च के रूप में प्रशासन की ओर से 21 हजार की राशि दी गई। एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि देवता की जगह पर बाड़बंदी की जाएगी।
देव संस्कृति के साथ की जा रही छेड़छाड़ पर नाराजगी
भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार ने कहा कि देवता धूमल नाग ने देव स्थलों को अपवित्र करने तथा देव संस्कृति के साथ की जा रही छेड़छाड़ पर नाराजगी जताई है। देवता ने जिला के सभी देवी देवताओं को बुलाकर जगती कर देव स्थलों को पवित्र करने को भी कहा है।