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देव आस्था: छुआछूत सहन नहीं करते बूढ़ा बिंगल देवता, अपनी ही पुष्प वाटिका कर दी थी खंडित
Mon, 20 Feb 2023 01:22 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 20 Feb 2023 01:22 PM IST
सार
द्रंग क्षेत्र के रूंझ गांव के देवता बूढ़ा बिंगल छुआछूत को बिल्कुल भी सहन नहीं करते हैं। कहा जाता है कि छुआछूत के कारण लगभग चार दशक पहले देवता ने अपनी पुष्प वाटिका को ही गड्ढे में तबदील कर दिया था।
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मंडी में पहुंचे देवी-देवता।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के द्रंग क्षेत्र के रूंझ गांव के देवता बूढ़ा बिंगल छुआछूत को बिल्कुल भी सहन नहीं करते हैं। कहा जाता है कि छुआछूत के कारण लगभग चार दशक पहले देवता ने अपनी पुष्प वाटिका को ही गड्ढे में तबदील कर दिया था। इस बात का प्रमाण आज भी मंडी से लगभग छह किलोमीटर दूर रूंझ गांव में है। मान्यता है कि देवता की पुष्प वाटिका में छुआछूत के चलते देवता रूठ गए। देवता ने एक ही रात पूरी वाटिया गड्ढे में बदल दी। गड्ढे से पास के घर की नींव को कोई नुकसान नहीं हुआ।
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देवता ने सिर्फ अपनी वाटिका को ही खंडित किया था। रूंझ गांव समेत आस-पास के गांव के लोगों ने भी उस समय पूरी रात खोदने की आवाजें सुनी। जब लोगों ने सुबह देखा कि वाटिया के स्थान पर एक गहरा गड्ढा है। जब देवता के कारिंदों ने इस बारे में देवता से पूछ की तो देवता ने लोगों को वाटिका में छुआछूत करने के बारे में बताया। देवता के पुजारी देशराज ने कहा कि इस घटना के बाद गड्ढे के देखने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम आई थी, लेकिन वे भी यह बताने में नाकाम रहे कि यह गड्ढा कैसे बना है।
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