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Shimla News: शोध प्रोजेक्ट और खर्च का ब्योरा करना होगा सार्वजनिक
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शोधार्थियों और विद्यार्थियों की मांग पर राज्यपाल सचिवालय ने एचपीयू को दिए थे निर्देश
अब विवि प्रशासन ने 30 दिन में जानकारी देने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में शोध परियोजनाओं के लिए मिलने वाले करोड़ों रुपये के अनुदान और उनके इस्तेमाल का ब्योरा अब सार्वजनिक होगा।
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और संस्थानों को प्रायोजित शोध परियोजनाओं से जुड़ी पूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवानी होगी। इसमें परियोजनाओं पर खर्च की जाने वाली धनराशि के साथ उनमें कार्यरत कर्मचारियों का विवरण भी शामिल रहेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 30 दिन का समय निर्धारित किया है। यह मामला शोधार्थियों और विद्यार्थियों की ओर से उठाई गई पारदर्शिता की मांग से जुड़ा है। उन्होंने राज्यपाल सचिवालय को प्रतिनिधित्व भेजकर विश्वविद्यालय में संचालित शोध परियोजनाओं, उनमें नियुक्त कर्मचारियों और सरकारी अनुदान के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठाई थी।
राज्यपाल सचिवालय ने इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजा था। इसके बाद कुलसचिव ज्योति राणा ने सभी विभागाध्यक्षों और संस्थानों के निदेशकों को आवश्यक जानकारी जुटाकर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के दायरे में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षण विभाग, केंद्र, संस्थान और संबद्ध महाविद्यालय आएंगे। यूजीसी, रूसा, डीएसटी, सीएसआईआर, आईसीएसएसआर, आईसीएमआर और समग्र शिक्षा सहित विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी।
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वेबसाइट पर यह देनी होगी जानकारी
वेबसाइट पर प्रत्येक परियोजना का नाम, अनुदान देने वाली एजेंसी, स्वीकृत और जारी की गई राशि, शोध का उद्देश्य तथा परियोजना की अवधि दर्ज करनी होगी। इसके अलावा परियोजना में नियुक्त कर्मचारियों के पद और उनकी तैनाती से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि परियोजना के लिए कितनी धनराशि मिली और उसमें से कितनी राशि खर्च की गई, इसका पूरा ब्योरा भी उपलब्ध करवाना होगा। परियोजनाओं के साथ प्रायोजित शोध अध्ययनों, परामर्श कार्यों और बाहरी वित्तपोषण वाली योजनाओं को भी शामिल किया है। कुलसचिव ने सभी विभागों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4 के तहत स्वतः सूचना सार्वजनिक करने की व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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अब विवि प्रशासन ने 30 दिन में जानकारी देने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में शोध परियोजनाओं के लिए मिलने वाले करोड़ों रुपये के अनुदान और उनके इस्तेमाल का ब्योरा अब सार्वजनिक होगा।
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और संस्थानों को प्रायोजित शोध परियोजनाओं से जुड़ी पूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवानी होगी। इसमें परियोजनाओं पर खर्च की जाने वाली धनराशि के साथ उनमें कार्यरत कर्मचारियों का विवरण भी शामिल रहेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 30 दिन का समय निर्धारित किया है। यह मामला शोधार्थियों और विद्यार्थियों की ओर से उठाई गई पारदर्शिता की मांग से जुड़ा है। उन्होंने राज्यपाल सचिवालय को प्रतिनिधित्व भेजकर विश्वविद्यालय में संचालित शोध परियोजनाओं, उनमें नियुक्त कर्मचारियों और सरकारी अनुदान के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठाई थी।
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राज्यपाल सचिवालय ने इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजा था। इसके बाद कुलसचिव ज्योति राणा ने सभी विभागाध्यक्षों और संस्थानों के निदेशकों को आवश्यक जानकारी जुटाकर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के दायरे में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षण विभाग, केंद्र, संस्थान और संबद्ध महाविद्यालय आएंगे। यूजीसी, रूसा, डीएसटी, सीएसआईआर, आईसीएसएसआर, आईसीएमआर और समग्र शिक्षा सहित विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी।
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वेबसाइट पर यह देनी होगी जानकारी
वेबसाइट पर प्रत्येक परियोजना का नाम, अनुदान देने वाली एजेंसी, स्वीकृत और जारी की गई राशि, शोध का उद्देश्य तथा परियोजना की अवधि दर्ज करनी होगी। इसके अलावा परियोजना में नियुक्त कर्मचारियों के पद और उनकी तैनाती से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि परियोजना के लिए कितनी धनराशि मिली और उसमें से कितनी राशि खर्च की गई, इसका पूरा ब्योरा भी उपलब्ध करवाना होगा। परियोजनाओं के साथ प्रायोजित शोध अध्ययनों, परामर्श कार्यों और बाहरी वित्तपोषण वाली योजनाओं को भी शामिल किया है। कुलसचिव ने सभी विभागों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4 के तहत स्वतः सूचना सार्वजनिक करने की व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए हैं।