फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Deputation of all employees working at other locations in Himachal cancelled.

शिमला: हिमाचल में दूसरी जगह काम कर रहे सभी कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति रद्द, कार्मिक विभाग ने चिट्ठी जारी की

Sun, 20 Sep 2026 03:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 20 Sep 2026 03:37 AM IST
सार

हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में कार्मिक विभाग ने सभी सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों और अन्य सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की प्रतिनियुक्तियों को रद्द कर दिया है।

विज्ञापन
Deputation of all employees working at other locations in Himachal cancelled.
प्रतीक चित्र - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतिनियुक्ति व्यवस्था को राज्य सरकार ने खत्म कर दिया है। हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में कार्मिक विभाग ने सभी सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों और अन्य सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की प्रतिनियुक्तियों को रद्द कर दिया है। दूसरे कार्यालयों, विभागों, संस्थानों या इकाई में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को नियमों के अनुसार उनके मूल पद और तैनाती स्थल पर वापस भेजने के आदेश दिए हैं। कार्मिक विभाग के पत्र के बाद शिक्षा विभाग ने शनिवार को ही करीब 500 कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। हिमाचल में शिक्षा, स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों में करीब ढाई हजार कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर हैं।

विज्ञापन


सरकार ने प्रतिनियुक्ति रद्द करने के साथ-साथ ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया है। आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को अब वेतन बिल के साथ प्रमाणित जानकारी देनी होगी कि संबंधित कर्मचारी ने उस महीने वास्तव में उसी स्टेशन और उसी पद पर कार्य किया है, जहां उसकी मूल तैनाती दर्ज है। केवल सर्विस रिकॉर्ड या कागजी तैनाती के आधार पर वेतन आहरित नहीं किया जा सकेगा।
विज्ञापन


वास्तविक उपस्थिति और कार्यस्थल का सत्यापन अनिवार्य होगा। निर्देशों में वित्तीय अनुशासन को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। यदि किसी कर्मचारी का वेतन उसकी वास्तविक और कागजी तैनाती में अंतर होने के बावजूद जारी किया जाता है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। नियमों की अनदेखी पर डीडीओ, नियंत्रक अधिकारी और संबंधित ट्रेजरी या सब-ट्रेजरी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा निदेशालय में प्रवक्ता, डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी, जेबीटी और मिनिस्ट्रियल स्टाफ समेत विभिन्न श्रेणियों के करीब 500 शिक्षक एवं गैर शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत बताए गए हैं। प्रतिनियुक्ति से जुड़ा मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद कोर्ट ने सरकार को प्रदेश के सभी विभागों में चल रही प्रतिनियुक्तियां समाप्त करने के आदेश दिए हैं।

मूल पद पर वापसी से दफ्तरों में बदलेगी तस्वीर
प्रतिनियुक्तियां खत्म होने के बाद सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की तैनाती का समीकरण बदल सकता है। मूल विभागों और कार्यालयों में लंबे समय से खाली चल रहे पदों पर कर्मचारी वापस पहुंचेंगे। वहीं, जिन विभागों और संस्थानों में ये कर्मचारी वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे, वहां अचानक मानव संसाधन की कमी हो सकती है। ऐसे में विभागों को अपनी वास्तविक कर्मचारी आवश्यकता का नए सिरे से आकलन करना पड़ेगा। इससे स्वीकृत पदों और वास्तविक जरूरत के बीच का अंतर भी सामने आ सकता है।


सिंगल टीचर स्कूलों और जनगणना ड्यूटी पर छूट
स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी व्यवस्था को जारी रखने की छूट दी गई है। कॉम्प्लेक्स स्कूलों के प्रधानाचार्य शिक्षक विहीन या सिंगल टीचर स्कूलों में पढ़ाई सुचारु रखने के लिए जरूरत के अनुसार दैनिक या साप्ताहिक आधार पर स्टॉप-गैप व्यवस्था कर सकेंगे। नियमित प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बावजूद विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए स्थानीय स्तर पर अस्थायी प्रबंध किए जा सकेंगे। चुनाव और जनगणना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इन आदेशों के दायरे से बाहर रखा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed