{"_id":"68a5d3841a34992bea00f9d3","slug":"departments-of-pediatrics-ctvs-and-neuro-surgery-will-be-expanded-shimla-news-c-19-sml1002-587596-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: बाल रोग, सीटीवीएस और न्यूरो \nसर्जरी विभागों का होगा विस्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: बाल रोग, सीटीवीएस और न्यूरो सर्जरी विभागों का होगा विस्तार
विज्ञापन
आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी वार्ड चमियाना शिफ्ट होने से विस्तार के लिए मिलेगी अतिरिक्त जगह
बाल रोग विभाग को 90 की जगह लगेंगे अब 108 बेड
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में बाल रोग, न्यूरो सर्जरी और सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी) विभागों का विस्तार होगा। कॉलेज प्रबंधन ने इसके लिए तैयारियां कर ली हैं।
आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी विभागों के चमियाना स्थानांतरित करने के बाद खाली हुई जगह पर इन विभागों के वार्डों का विस्तार किया जाएगा। इसमें आईजीएमसी के बाल रोग, न्यूरो सर्जरी और सीटीवीएस समेत कई विभागों को अतिरिक्त बेड लगाने की सुविधा मिलेगी। बाल रोग विभाग को इस शिफ्टिंग का फायदा मिल चुका है। पहले इस विभाग के पास 90 बिस्तरों की क्षमता था। संख्या ज्यादा होने पर एक बिस्तर पर दो-दो मरीज दाखिल किए जाते थे। अब विभाग को 18 अतिरिक्त बिस्तर लगाने की जगह मिल गई है। विभाग के पास कुल बिस्तरों की क्षमता 108 तक बढ़ा दी है।
यूरोलॉजी वार्ड को चमियाना शिफ्ट करने के बाद खाली हुई जगह में न्यूरो सर्जरी विभाग के लिए खास वार्ड बनाया जा रहा है। पहले यहां सीटीवीएस, न्यूरो सर्जरी और यूरोलॉजी तीनों विभागों के मरीज भर्ती होते थे। इससे डॉक्टरों और मरीजों को दिक्कत होती थी। अब अलग से न्यूरो सर्जरी वार्ड बनने से केवल इसी विभाग के मरीज यहां दाखिल होंगे। सीटीवीएस विभाग में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। पहले दोनों एक ही वार्ड में भर्ती रहते थे जिससे जगह और प्राइवेसी दोनों की समस्या सामने आती थी। नए प्रावधान के बाद सीटीवीएस मरीजों को ज्यादा आराम और बेहतर माहौल मिलेगा।
विज्ञापन
कोट
बरसात के बाद शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी होते ही आईजीएमसी में जगह का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इसमें जिन विभागों में अभी मरीजों की संख्या अधिक है और जगह की कमी है, उन्हें अतिरिक्त जगह मिलेगी। स्टाफ को भी काम करने में आसानी होगी।
-राहुल राव, चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
विज्ञापन
बाल रोग विभाग को 90 की जगह लगेंगे अब 108 बेड
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में बाल रोग, न्यूरो सर्जरी और सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी) विभागों का विस्तार होगा। कॉलेज प्रबंधन ने इसके लिए तैयारियां कर ली हैं।
आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी विभागों के चमियाना स्थानांतरित करने के बाद खाली हुई जगह पर इन विभागों के वार्डों का विस्तार किया जाएगा। इसमें आईजीएमसी के बाल रोग, न्यूरो सर्जरी और सीटीवीएस समेत कई विभागों को अतिरिक्त बेड लगाने की सुविधा मिलेगी। बाल रोग विभाग को इस शिफ्टिंग का फायदा मिल चुका है। पहले इस विभाग के पास 90 बिस्तरों की क्षमता था। संख्या ज्यादा होने पर एक बिस्तर पर दो-दो मरीज दाखिल किए जाते थे। अब विभाग को 18 अतिरिक्त बिस्तर लगाने की जगह मिल गई है। विभाग के पास कुल बिस्तरों की क्षमता 108 तक बढ़ा दी है।
विज्ञापन
यूरोलॉजी वार्ड को चमियाना शिफ्ट करने के बाद खाली हुई जगह में न्यूरो सर्जरी विभाग के लिए खास वार्ड बनाया जा रहा है। पहले यहां सीटीवीएस, न्यूरो सर्जरी और यूरोलॉजी तीनों विभागों के मरीज भर्ती होते थे। इससे डॉक्टरों और मरीजों को दिक्कत होती थी। अब अलग से न्यूरो सर्जरी वार्ड बनने से केवल इसी विभाग के मरीज यहां दाखिल होंगे। सीटीवीएस विभाग में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। पहले दोनों एक ही वार्ड में भर्ती रहते थे जिससे जगह और प्राइवेसी दोनों की समस्या सामने आती थी। नए प्रावधान के बाद सीटीवीएस मरीजों को ज्यादा आराम और बेहतर माहौल मिलेगा।
विज्ञापन
कोट
बरसात के बाद शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी होते ही आईजीएमसी में जगह का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इसमें जिन विभागों में अभी मरीजों की संख्या अधिक है और जगह की कमी है, उन्हें अतिरिक्त जगह मिलेगी। स्टाफ को भी काम करने में आसानी होगी।
-राहुल राव, चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी