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विभाग का अंदेशा, कनलोग से पकड़ी मादा तेंदुआ ने ही उठाए थे मासूम बच्चे

Fri, 19 Nov 2021 09:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 09:54 PM IST
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Department's claim: The female leopard caught raised the children
शिमला। राजधानी के रिहायशी इलाकों में आकर मासूम बच्चों को उठाकर ले जाने वाला और कोई नहीं, बल्कि कनलोग के जंगल में तीन बच्चों के साथ घूम रही मादा तेंदुआ ही थी। वन विभाग ने 14 दिन के सर्च ऑपरेशन, जंगल से मिले सुबूतों और ट्रैप कैमरों में दिखी मूवमेंट के आधार पर दावा किया है कि मादा तेंदुआ ने ही शहर से मासूम बच्चों को उठाया था। अंदेशा है कि कनलोग और डाउनडेल से इसी तेंदुआ ने बच्चों को उठाया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि मौके से मिले सबूतों की फोरेंसिंक रिपोर्ट आने के बाद होगी।
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कनलोग में लगे पिंजरे में वीरवार देर रात जिस तेंदुए को पकड़ा गया था, वह मादा तेंदुआ निकली है। पिंजरे में पकड़ने के बाद देर रात इसे बेेहोश कर टूटीकंडी रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया था। यहां जांच के बाद पता चला कि यह मादा तेंदुआ है। इसकी उम्र पांच साल से ज्यादा है और स्वस्थ है। वन विभाग के अनुसार इसके तीन बच्चे अभी भी कनलोग के जंगल में ही घूम रहे हैं। ऐसे में इन बच्चों को पकड़ने के लिए वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
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ये जंगल इसका इलाका, इसी ने कनलोग से उठाई थी बच्ची
पांच अगस्त की रात कनलोग में हुई घटना के बाद वन विभाग ने अंदेशा जताया था कि किसी मादा तेंदुआ ने छह साल की बच्ची को उठाया है। जिस तरह से बच्ची को नोचा गया था, उससे लग रहा था कि मादा तेंदुआ और उसके बच्चों ने इसे खाया है। इस घटना के बाद जंगल में लगाए ट्रैप कैमरों में इसकी मूवमेंट कैद हुई थी जिससे इस पर शक गहराया था। उस समय ये बच्चे दो से तीन महीने के थे। अब चार नवंबर को डाउनडेल की घटना के बाद जंगल में जो कैमरे लगे थे, उनमें भी सबसे ज्यादा बार इसी मादा तेंदुआ की मूवमेंट देखी गई। कई कैमरों में मादा बच्चों के साथ दिखाई दी थी। विभाग के अनुसार रिहायशी इलाकों से शिकार लाने के लिए यह अकेेली जाती थी। इसका एरिया दो से तीन किलोमीटर था क्योंकि बच्चों के साथ यह दूर तक नहीं जा सकती थी। डाउनडेल और कनलोग डेढ़ से दो किलोमीटर के दायरे में ही है। वन विशेषज्ञों की मानें तो एक तेंदुए का अपना इलाका होता है। यहां ज्यादातर शिकार भी वही करता है। 14 दिन के सर्च ऑपरेशन में इस जंगल में यही मादा तेंदुआ सबसे ज्यादा बार दिखी थी। ऐसे में विभाग का दावा है कि इसी ने बच्चों को उठाया है।
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तेंदुए के बच्चे भटकेंगे या मरेंगे
इस मादा तेंदुआ के तीन बच्चे भी हैं, जो अब जंगल में हैं। वन विभाग का अंदेशा है कि यह तीनों बच्चे इसी जंगल में घूम रहे हैं। ये पांच से सात महीने के हैं और खुद शिकार करने में असमर्थ हैं। ऐसे में कई दिन तक खाना न मिलने से इनका बचना मुश्किल है। ये इकट्ठे ही घूमते हैं। ये जंगल से भटककर आबादी वाले क्षेत्र में न जाएं, इससे पहले ही इन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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