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पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग ऊर्जा ट्रांसमिशन नीति बनाने की वकालत

Thu, 29 Nov 2018 05:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 29 Nov 2018 05:51 PM IST
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demands of creating separate energy transmission policy for hilly areas

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग ऊर्जा ट्रांसमिशन नीति बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि राज्य ऊर्जा संचरण निगम सीमित राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली को विकसित कर रहा है।

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पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनें बिछाना मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा काफी कठिन है। ऐसे में विशेष कार्य नीति तैयार करने की आवश्यकता है। वीरवार को मुख्यमंत्री ने राजधानी शिमला में केंद्रीय सिंचाई एवं ऊर्जा बोर्ड तथा सीआईजीआरई इंडिया द्वारा हिमाचल प्रदेश ऊर्जा संचरण निगम सीमित के संयुक्त
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तत्वाधान में पर्वतीय क्षेत्र में ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण में चुनौतियां विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग से लागत प्रभावी तथा विश्वसनीय
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ऊर्जा संचरण एवं वितरण प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है, जो उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ऊर्जा क्षेत्र तेजी के साथ विकसित हो रहा है। 

वन वैली वन लाइन पर दिया बल

demands of creating separate energy transmission policy for hilly areas

लगभग 10 हजार मेगावाट क्षमता की जल विद्युत परियोजना क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में है। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि ये सभी परियोजनाएं जल्द शुरू की जा सकें। मुख्यमंत्री ने वन वैली वन लाइन पर बल दिया।

कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। निदेशक केंद्रीय सिंचाई एवं ऊर्जा बोर्ड पीपी वाही ने कहा कि देश में भिन्न-भिन्न भौगोलिक परिस्थितियां हैं। अलग-अलग मौसम रहता है।

ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए एक उपयुक्त नीति तैयार की जाए। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, राज्य बिजली

बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत बाल्दी, एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रबोध सक्सेना, एचपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक देवेश कुमार, बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी काल्टा सहित कई अन्य मौजूद रहे।

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