नगर निगम चुनावों से पहले शहर में होगा ये बड़ा बदलाव
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राजधानी शिमला में नगर निगम के 25 वार्डों का पुनर्सीमांकन कर अगले चुनावों के लिए 32 वार्ड बनाने की तैयारी है। शहरी विकास विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव बनाने की तैयार शुरू कर दी है। जनसंख्या के आधार पर वार्डों में एकरूपता लाने के लिए पुनर्सीमांकन किया जा रहा है। इसे लेकर विभाग चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजेगा। चुनाव आयोग ही अंतिम फैसला लेगा।
शहरी विकास विभाग जिला प्रशासन के सहयोग से पुनर्सीमांकन की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। नगर निगम के चुनाव मई 2017 में प्रस्तावित हैं। साफ है कि चुनावों से पहले इसे लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। पुनर्सीमांकन के बाद जाखू लोअर राम बाजार के अलावा पटियोग वार्डों का एरिया घटाया बढ़ाया जा सकता है।
इन वार्डों में कुछ वार्ड ऐसे हैं जहां आबादी बहुत ज्यादा है और कुछ वार्डों में बेहद कम। पुनर्सीमांकन के बाद वार्डों का हिस्सा दूसरे वार्ड में मिलाया जा सकता है। शहर के साथ लगते क्षेत्र को भी नगर निगम में मिलाया जा सकता है। संकट मोचन और न्यू शिमला के साथ लगते इलाके को वार्ड के तौर पर एमसी में मिलाने की योजना है।
टीसीपी से मांगा गया है प्रस्ताव
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि डिलिमिटेशन और नए वार्ड बनाने को लेकर टीसीपी से प्रस्ताव मांगा गया है। शिमला नगर निगम के कुछ वार्डों में जनसंख्या बहुत ज्यादा है कहीं बहुत कम। जनसंख्या में एकरूपता लाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव पर इलेक्शन कमीशन अंतिम फैसला लेगा।
सोलर सिटी प्लान में मनमानी कर रहा हिम ऊर्जा
नगर निगम के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने शिमला सोलर सिटी प्लान में हिम ऊर्जा पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। डिप्टी मेयर का कहना है कि नगर निगम को विश्वास में लिए बिना हिम ऊर्जा अपने स्तर पर ही फैसले ले रहा है। सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने को लेकर नगर निगम हाउस ने अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा है लेकिन हिम ऊर्जा मनमानी करते हुए इन्हें दरकिनार कर रहा है।
डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के सचिव उपेंद्र त्रिपाठी को पत्र लिख कर शिमला के लोगों के हित में तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। पायलट सोलर सिटी मिशन के सदस्य होने के नाते नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव को लिखे पत्र में टिकेंद्र ने कहा है कि सौर ऊर्जा को अपना कर ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन कम करने के मकसद से शिमला को पायलट सोलर सिटी के तौर पर लिया गया है।
शिमला देश का प्रमुख शहर है जो ग्रीन हाउस गैस इनवेंटरी जारी कर चुका है। प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सोलर कुकिंग प्लांट स्थापित किया जाना था लेकिन इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किए गए। इतना ही नहीं इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में एक सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने को प्राथमिकता दी गई है लेकिन इस प्रोजेक्ट को भी सिरे नहीं चढ़ाया जा रहा। डिप्टी मेयर ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से शिमला में सोलर सिटी प्लान को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।