पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी और 8 अन्य पर आरोप तय
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आय से दस करोड़ अधिक संपत्ति मामले में आरोपी हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पेश न होने के कारण उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। अदालत ने अब उन्हें 29 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है।
अदालत ने उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत आठ आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और अन्य धाराओं में आरोप तय कर दिए।पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरुण भारद्वाज के समक्ष वीरभद्र सिंह की ओर से छूट के लिए आवेदन दिया गया था।
कोर्ट ने वीरभद्र सिंह समेत नौ आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धाराओं में आरोप तय करने का निर्देश 10 दिसंबर 2018 को दिया था। इस मामले में अदालत ने वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी को 29 मई 2017 को जमानत दी थी।
सीबीआई का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री रहते हुए आय से 10 करोड़ अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच के दौरान उनकी संपत्ति घोषित आय से 192 फीसदी अधिक पाई गई थी।
आरोपों पर जिरह के लिए भी 29 जनवरी की तारीख तय
दूसरी ओर, अदालत ने मनी लांड्रिंग मामले में आरोपों पर जिरह के लिए भी 29 जनवरी की तारीख तय की है। वीरभद्र सिंह के वकीलों ने आवेदन दायर कर कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें अब तक आरोप पत्र के साथ पेश सभी दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं।
बचाव पक्ष के इस तर्क को खारिज करते हुए अभियोजन के अधिवक्ता नवीन कुमार मांटा व नितेश राणा ने कहा कि आरोप पत्र के साथ पेश दस्तावेज काफी पहले आरोपी के वकीलों को मुहैया करा दिए गए थे।
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109, 465, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2), उपधारा 13(1)(ई) के प्रावधानों के तहत 500 पन्नों की चार्जशीट तीन अप्रैल 2017 को दाखिल की थी। एजेंसी ने चार्जशीट में 225 गवाहों व 442 दस्तावेज का हवाला दिया था।