आय से अधिक संपत्ति मामले में वीरभद्र के बेटे को मिली जमानत
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अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को सोमवार को जमानत दे दी। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर विक्रमादित्य व अन्य लोगों को बतौर आरोपी समन भेजा था। इस मामले में वीरभद्र सिंह स्वयं और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह भी आरोपी हैं।
पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने विक्रमादित्य सिंह को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक जमानती की शर्त पर जमानत दे दी। साथ ही बिना इजाजत विदेश न जाने और गवाहों को प्रभावित न करने की हिदायत भी दी है। ईडी ने 21 जुलाई को विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।
जांच एजेंसी की ओर से विशेष अधिवक्ता एनके माटा व नितेश राणा ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को जमानत मिलने पर वह उसका दुरुपयोग कर सकता है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिये 19 सितंबर की तारीख तय की है।
अदालत ने 24 जुलाई को समन जारी करते हुए विक्रमादित्य व अन्य आरोपियों को 27 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया था। वीरभद्र सिंह के खिलाफ केंद्रीय मंत्री रहते हुए करीब 10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।