छावनी क्षेत्रों से हट सकता है अंग्रेजों के जमाने का कानून, रक्षा मंत्री ने की बैठक
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देश भर के छावनी क्षेत्रों को अंग्रेजों के जमाने के कानून से मुक्ति दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। दिल्ली में 62 छावनी परिषदों के उपाध्यक्षों और इन क्षेत्रों के सांसदों के साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने बैठक की है। लिखित मांग पत्र लेने के बाद निर्मला सीतारमन ने एक कमेटी के गठन का फैसला लिया है।
यह कमेटी छह महीने में अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपेंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर अधिनियम 2006 में संशोधन के लिए लोकसभा में संशोधन विधेयक लाया जाएगा। यह जानकारी डगशाई छावनी परिषद के उपाध्यक्ष चितरंजन स्याल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
रक्षा मंत्री ने दिए कमेटी गठित करने के निर्देश
स्याल ने बताया कि सांसद प्रो. वीरेंद्र कश्यप की अगुवाई में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को डगशाई की समस्याओं का निपटारा करने के लिए लिखित मांग पत्र सौंपा है। बैठक में मुख्य रूप से छावनी क्षेत्र में ब्रिटिश शासन काल से चले आ रहे अधिनियम 2006 में संशोधन के लिए सभी छावनी क्षेत्रों के सांसदों के माध्यम से प्रस्ताव रखा गया।
स्याल ने बताया कि डगशाई छावनी के तहत आने वाले 25 कृषक परिवारों को 1847 में कृषक भूमि लीज पर दी गई थी। केंद्रीय राजस्व विभाग में भी यह भूमि दर्ज है। रक्षा मंत्रालय ने अब इन परिवारों को दी गई भूमि की लीज खत्म कर दी है।
लीज खत्म होने से इन परिवारों पर बेरोजगारी का खतरा मंडराने लगा है। लीज को खत्म करने के फैसले को रद्द करने के लिए भी मांग पत्र सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि एमईएस के तहत आने वाले व डगशाई तक पहुंचने वाली खस्ताहाल सड़कों को जल्द सुधारने और सड़कों पर लगाई जा रहीं स्ट्रीट लाइटों के काम में तेजी लाने की मांग भी की गई है।