{"_id":"573965ba4f1c1b654eac6fdc","slug":"deen-dayal-upadhyay-hospital-shimla-destroyed-21-unit-blood","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल का कारनामा, बहा दिया रक्तदाताओं का 21 यूनिट ब्लड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल का कारनामा, बहा दिया रक्तदाताओं का 21 यूनिट ब्लड
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 16 May 2016 11:46 AM IST
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उमंग फाउंडेशन ने यह दावा किया है।
- फोटो : डेमो पिक
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एक तरफ राजधानी के अस्पतालों में खून की कमी चल रही है, तो दूसरी तरफ जोनल अस्पताल डीडीयू में 21 यूनिट ब्लड बहा दिया गया है। यह आंकड़ा 25 मार्च से लेकर 3 मई तक का है। अस्पताल में स्टोर ब्लड 35 दिन की मियाद पूरी कर चुका था। इस लिहाज से यह किसी मरीज को नहीं चढ़ाया जा सकता था।
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लेकिन डीडीयू प्रशासन अगर थोड़ी समझदारी बरतता तो मियाद खत्म होने से पहले इसे आईजीएमसी के ब्लड बैंक में शिफ्ट किया जा सकता था, जहां यह जरूरतमंदों के काम आता। ऐसे में उन रक्तदाताओं को चोट पहुंची है जो शिविर में खूनदान करने पहुंचते हैं ऐसे में अगर किसी के काम उनका ब्लड न आए तो रक्तदान कर क्या फायदा?
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शहर के प्रमुख तीनों अस्पतालों में इन दिनों ब्लड की काफी कमी चल रही है। ऑपरेशन व सीजेरियन के दौरान लोगों को ए पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव खून की जरूरत पड़ रही है। मरीजों के तीमारदार अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। उधर प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में रोजाना 50 से 60 यूनिट खून मरीजों को चढ़ाया जाता है। ऐसे में जोनल अस्पताल में एक साथ इतना रक्त बहाना प्रबंधन की चूक मानी जा रही है।
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हालात यह हैं कि मरीजों के तीमारदार काफी जद्दोजहद के बाद मुश्किल से एक यूनिट खून एकत्र कर पा रहे हैं । ब्लड की कमी की वजह से कुछ मरीजों के तो ऑपरेशन एक या दो दिनों के लिए टालने पड़े। इस मामले के सामने आने के बाद एक निजी स्वयं सेवी संस्था उमंग फाउंडेशन ने रविवार को प्रेस वार्ता कर डीडीयू ब्लड बैंक प्रबंधन पर कई संगीन आरोप भी लगाए।
आज भी बहाया जाएगा छह यूनिट ब्लड
उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने बताया कि मार्च से अभी तक कुल 21 यूनिट खून को फेंका जा चुका है। यह एक बड़ा अपराध है। दावा किया कि यह रक्त बीमारी से संक्रमित नहीं था। उन्होंने दावा किया है कि सोमवार को भी छह यूनिट रक्त अस्पताल में बहाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह इस बाबत मुख्यमंत्री को पत्र भेजेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करेंगे। अगर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है तो वह पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने से भी नहीं हिचकेंगे।
ब्लड फेंकने की खबर आधारहीन
डीडीयू ब्लड बैंक के इंचार्ज डा. रजनीश सूद ने कहा कि वह अभी शहर से बाहर हैं लेकिन किसी ने उन्हें फोन पर ब्लड फेंकने की खबर दी है, जो आधारहीन है। कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग रक्तदान की संख्या बढ़ाने के लिए अस्पताल में निजी स्वार्थ के लिए लोगों को खून दान करने के लिए लाते हैं।
जिनमें से कोई किसी बीमारी तो कोई नशे की हालत में होते हैं। टेस्ट होने पर ही ऐसे रक्तदाता पकड़ में आते हैं। उन्होंने बताया कि किसी मरीज को ब्लड देना हो तो वह क्रास मैच करना पड़ता है, तभी व्यक्ति को ब्लड उपलब्ध करवाया जाता है। उमंग फाउंडेशन की ओर से लगाए जा रहे आरोप सरासर गलत हैं।- डा. रजनीश सूद ब्लड बैंक इचार्ज, डीडीयू
यह है उमंग फाउंडेशन का दावा, रक्तदाताओं के इन रजिस्टेशन नंबर का फेंका है ब्लड
रजिस्ट्रेशन नंबर ब्लड ग्रुप
25568 बी पॉजिटिव
25528 एबी पॉजिटिव
25532 एबी पॉजिटिव
25553 बी पॉजिटिव
25550 एबी पॉजिटिव
25573 ए नेगेटिव
25567 एबी पॉजिटिव
25579 एबी पॉजिटिव
25604 ए नेगेटिव
25507 एबी पॉजिटिव
25592 एबी पॉजिटिव
25592 एबी पॉजिटिव
25599 एबी पॉजिटिव
25600 एबी पॉजिटिव
25616 ओ पॉजिटिव
25624 एबी ग्रुप
25633 ए नेगेटिव
25635 एबी पॉजिटिव
25636 एबी पॉजिटिव
25637 एबी पॉजिटिव