हिमाचल पुलिस और होमगार्ड जवानों के लिए बुरी खबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के करीब आठ हजार होमगार्डों को गृह विभाग ने झटका दिया है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने इनका मासिक मानदेय बढ़ाने से इंकार कर दिया है। गृह विभाग ने सरकार को स्पष्ट किया है कि गृह रक्षकों को पहले से ही पुलिसकर्मियों के इनिशियल स्केल से ज्यादा मासिक मानदेय दिया जा रहा है। इसलिए इसमें बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है।
हालांकि, इस बारे में अपना फाइनल ओपिनियन लेने को गृह विभाग ने फाइल विधि विभाग को भेज दी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद हिमाचल के होमगार्ड उम्मीद कर रहे थे कि उनका मानदेय बढ़ा दिया जाएगा। राज्य सरकार ने गृह विभाग को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर गौर करने को कहा, तो इस पर इस महकमे ने कहा है कि इसमें हिमाचल सरकार को कुछ खास करने की जरूरत नहीं है।
विभाग ने दिया ये तर्क
स्पष्ट किया है कि गृह रक्षकों को रिवाइज्ड मानदेय 8400 रुपये प्रति माह के हिसाब से दिया जा रहा है, जबकि पुलिस कांस्टेबलों का इनिशियल स्केल 7810 रुपये मासिक है। ऐसे में होमगार्डों का मानदेय पुलिस कांस्टेबलों के प्रारंभिक स्केल से ज्यादा है। इसे बढ़ाने की जरूरत नहीं लगती। बाकी जब पहले से ही कांस्टेबलों से ज्यादा इनिशियल स्केल है तो इस बारे में कोई नीति बनाने की भी जरूरत महसूस नहीं होती है।
सूत्रों की मानें तो इस टिप्पणी के साथ गृह विभाग की फाइल अब विधि विभाग के पास फाइनल ओपिनियन को भेजी गई है। विधि विभाग भी इस ओपिनियन पर सहमत हुआ तो गृह रक्षकों को इस फैसले के बाद कोई अतिरिक्त वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा।
पुलिस आधुनिकीकरण की फंडिंग में केंद्र का कट
वहीं प्रदेश में पुलिस आधुनिकीकरण की फंडिंग में केंद्र ने कट लगा दिया है। अब केंद्र सरकार 50 प्रतिशत ग्रांट ही देगी। इससे पहले ये 60 प्रतिशत की दर से मिलती थी। केंद्र ने राज्य में कई योजनाओं के केंद्रीय सहयोग में कटौती कर ली है, वहीं इससे प्रदेश का पुलिस विभाग भी अछूता नहीं रहा है।
अभी तक पुलिस आधुनिकीकरण पर कुल बजट में केंद्र से 60 फीसदी बजट मिलता था और 40 प्रतिशत बजट राज्य सरकार को खर्च करना होता था, मगर अब 60:40 के अनुपात को 70:30 कर दिया गया है। इसी विषय पर वीरवार को मुख्य सचिव पी. मित्रा ने भी बैठक बुलाई। इसमें पुलिस महानिदेशक संजय कुमार सहित कई अन्य अधिकारी शामिल हुए।
इसमें इस कटौती के बाद कैसे पुलिस आधुनिकीकरण योजनाओं में 10 प्रतिशत बजट का प्रबंध करना है। इस पर चर्चा हुई। पुलिस आधुनिकीकरण में नई बंदूकें और उपकरण लेना, कंप्यूटरीकरण और थानों-चौकियों का सुधार शामिल होता है। मुख्य सचिव पी. मित्रा ने कहा कि पुलिस आधुनिकीकरण का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। इसके लिए फॉलोअप किया जाएगा। बदले फंडिंग पैट्रन पर भी चर्चा हुई।