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Himachal News: मंत्रिमंडल की बैठक में तय होगा चुनाव से पहले खुले 386 शिक्षण संस्थानों का भविष्य
Thu, 12 Jan 2023 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 12 Jan 2023 05:00 AM IST
सार
एक अप्रैल 2022 के बाद भाजपा सरकार ने 23 डिग्री कॉलेज, 98 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, 131 हाई स्कूल, 85 मिडल स्कूल और 49 प्राइमरी स्कूल खोले और स्तरोन्नत किए हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले खुले 386 शिक्षण संस्थानों का भविष्य मंत्रिमंडल की बैठक में तय होगा। अप्रैल से अक्तूबर 2022 तक भाजपा सरकार ने सैकड़ों नए स्कूल खोले हैं और कई को स्तरोन्नत किया है। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही भाजपा राज में खुले कई कार्यालयों और संस्थानों को डिनोटिफाई कर दिया है। शिक्षण संस्थानों को बंद करने के लिए सरकार ने जल्दबाजी नहीं दिखाई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद इस संदर्भ में नीतिगत फैसला लेने की बात कही थी।
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अब शिक्षा विभाग ने इन 386 शिक्षण संस्थानों में हुए दाखिलों, शिक्षकों की संख्या व नजदीकी स्कूलों का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। संभावित है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस बाबत फैसला होगा। एक अप्रैल 2022 के बाद भाजपा सरकार ने 23 डिग्री कॉलेज, 98 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, 131 हाई स्कूल, 85 मिडल स्कूल और 49 प्राइमरी स्कूल खोले और स्तरोन्नत किए हैं। बीते माह हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू ने विभागीय अधिकारियों से इन शिक्षण संस्थानों में हुए दाखिलों की जानकारी ली थी।
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यहां कार्यरत शिक्षकों की संख्या और इनसे सटे अन्य संस्थानों की दूरी को लेकर मुख्यमंत्री ने विस्तार से प्रस्ताव बनाने को कहा था। अधिकारियों से प्रस्ताव में यह भी बताने को कहा गया कि सही मायने में कितने स्कूल और कॉलेजों की आवश्यकता है। कितनों को बंद किया जा सकता है। बंद होने वाले शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को परेशानियां पेेश न आएं। इसके लिए क्या कदम उठाए जाएं। विभागीय अधिकारियों ने मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाने के लिए इन सभी बिंदुओं पर आधारित प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
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स्कूल वर्दी को लेकर भी चर्चा होने के आसार
मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को दी जाने वाले निशुल्क स्मार्ट वर्दी को लेकर भी चर्चा हो सकती है। बीते माह सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्मार्ट वर्दी की खरीद पर रोक लगा दी गई थी। मुख्यमंत्री ने वर्दी खरीद की प्रक्रिया को पूरी तरह से समझने के बाद आगामी फैसला लेने की बात कही है। पहली से बारहवीं कक्षा के करीब साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों के लिए प्रति वर्ष स्मार्ट वर्दी की खरीद की जाती है।