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Himachal CPS Case: सीपीएस की नियुक्तियों के कानूनी दर्जे पर बहस पूरी, जानें अब आगे क्या होगा
Wed, 22 May 2024 09:33 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 22 May 2024 09:33 PM IST
सार
हिमाचल हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियों के कानूनी दर्जे पर सरकार ने अपनी अंतिम बहस पूरी कर दी है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल हाईकोर्ट में बुधवार को मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की नियुक्तियों के कानूनी दर्जे पर सरकार ने अपनी अंतिम बहस पूरी कर दी है। अब 27 मई को सतपाल सत्ती की ओर से दायर याचिका पर फिर बहस होगी।
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सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में दलीलें रखीं। उन्होंने बताया कि विधानसभा ने 2006 में जो कानून बनाया है, वह संविधान के दायरे में है। इससे किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है। सरकार अपने कार्यों को सुचारु चलाने के लिए ऐसे कानून बना सकती है।
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दवे ने कहा कि हिमाचल का जो कानून है, वह असम और मणिपुर से अलग है। हिमाचल में सीपीएस को मंत्रियों वाली सुविधाएं नहीं मिलतीं। बुधवार को अदालत में सीपीएस के कानूनी दर्जे पर सभी पक्षों की तरफ से बहस एक बार पूरी हो चुकी है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश विपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ अप्रैल के बाद लगातार इस मामले को सुन रही है। अब 27 मई को सत्ती वाली याचिका पर उनके वकील फिर बहस करेंगे।
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