केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिलान्यास को इस दिन की डेडलाइन तय
केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिलान्यास को लेकर 27 दिसंबर की डेडलाइन तय हो गई है। शनिवार को धर्मशाला में बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने अफसरों को तमाम औपचारिकताएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने दो टूक कहा है कि अगर सरकार की दी गई डेडलाइन के भीतर औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं तो इसे अनुशासनहीनता मानकर संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। 27 दिसंबर के बाद सीयू के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन किया जाएगा।
अगर पीएम ने समय नहीं दिया तो मानव संसाधन विकास मंत्री और सीएम जयराम ठाकुर सीयू परिसर का शिलान्यास करेंगे। जयराम सरकार चाहती है कि 31 मार्च से पहले सीयू परिसर में भवन निर्माण का काम शुरू हो जाए।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए कुल 417 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसमें से 303 हेक्टेयर भूमि जदरांगल और 114 हेक्टेयर भूमि देहरा में है। जदरांगल में 24 हेक्टेयर भूमि केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित की जा चुकी है।
देहरा में 34 हेक्टेयर भूमि विश्वविद्यालय के नाम कर दी गई है। देहरा की शेष 84 हेक्टेयर भूमि का वन स्वीकृति का मामला केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय और प्रदेश वन विभाग के अधिकारी दिल्ली में इस मामले की पैरवी करेंगे।
भारद्वाज ने सीयू के लिए जदरांगल में चिह्नित जमीन की निशानदेही कर सीमाएं निर्धारित करने एवं निर्माण से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं 15 दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम धर्मशाला, डीएफओ धर्मशाला और केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलकर यह कार्य पूर करने को कहा।
साथ ही शेष भूमि की वन स्वीकृति का मामला पर्यावरण मंत्रालय को भेजने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में स्थानीय विधायक एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
बैठक में सचिव शिक्षा डॉ. अरुण शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत, अतिरिक्त उपायुक्त केके सरोच, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मस्त राम भारद्वाज, केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, वन विभाग के उच्च अधिकारी, एसडीएम धर्मशाला एवं देहरा सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।