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डीडीयू अस्पताल नहीं मिल रहे एनेस्थीसिया चिकित्सक
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आज होने वाले ऑपरेशनों पर असमंजस, अस्पताल प्रबंधन का तर्क, डॉक्टर आए तो ही होगी सर्जरी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में एनेस्थीसिया डॉक्टर न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में स्थिति यह हो गई है कि डॉक्टर न मिलने से मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में दाखिल ऑर्थो मरीजों के शुक्रवार को ऑपरेशन रखे हैं लेकिन इस पर भी असमंजस बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अगर सेवा देने के लिए बुलाए डॉक्टर अस्पताल आते हैं तो ही मरीजों के ऑपरेशन होंगे। ऐसे में अब अस्पताल में दाखिल मरीजों के ऑपरेशन तब ही होंगे जब एनेस्थीसिया के चिकित्सक आएंगे। शिमला के रहने वाले कपिल दत्त ने बताया कि उनके चचेरे भाई का चंडीगढ़ में एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद उपचार के लिए डीडीयू आया है लेकिन कई दिन दाखिल रहने के बाद भी उसका ऑपरेशन नहीं हो पाया है।
डॉक्टरों ने कहा कि शुक्रवार को ऑपरेशन होगा। शहर के अधिकांश मरीज आईजीएमसी जाने को तवज्जो न देकर शहर के डीडीयू अस्पताल में अपना उपचार करवाना बेहतर समझते हैं। लेकिन शहर के इस अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जब तक एनेस्थीसिया डॉक्टर की स्थायी रूप से नियुक्ति नहीं होती तब तक अस्पताल प्रबंधन कहीं ओर से डॉक्टर बुलाकर ऑपरेशन के लिए उनकी सेवा लेने का प्रावधान कर रहा है। इसके लिए भुगतान आरकेएस से होगा।
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अस्पताल में जल्द होगी डॉक्टरों की तैनाती
डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती होने वाली है। उपचार को लेकर किसी भी मरीज को परेशानी पेश नहीं आने दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में एनेस्थीसिया डॉक्टर न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में स्थिति यह हो गई है कि डॉक्टर न मिलने से मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में दाखिल ऑर्थो मरीजों के शुक्रवार को ऑपरेशन रखे हैं लेकिन इस पर भी असमंजस बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अगर सेवा देने के लिए बुलाए डॉक्टर अस्पताल आते हैं तो ही मरीजों के ऑपरेशन होंगे। ऐसे में अब अस्पताल में दाखिल मरीजों के ऑपरेशन तब ही होंगे जब एनेस्थीसिया के चिकित्सक आएंगे। शिमला के रहने वाले कपिल दत्त ने बताया कि उनके चचेरे भाई का चंडीगढ़ में एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद उपचार के लिए डीडीयू आया है लेकिन कई दिन दाखिल रहने के बाद भी उसका ऑपरेशन नहीं हो पाया है।
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डॉक्टरों ने कहा कि शुक्रवार को ऑपरेशन होगा। शहर के अधिकांश मरीज आईजीएमसी जाने को तवज्जो न देकर शहर के डीडीयू अस्पताल में अपना उपचार करवाना बेहतर समझते हैं। लेकिन शहर के इस अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जब तक एनेस्थीसिया डॉक्टर की स्थायी रूप से नियुक्ति नहीं होती तब तक अस्पताल प्रबंधन कहीं ओर से डॉक्टर बुलाकर ऑपरेशन के लिए उनकी सेवा लेने का प्रावधान कर रहा है। इसके लिए भुगतान आरकेएस से होगा।
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अस्पताल में जल्द होगी डॉक्टरों की तैनाती
डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती होने वाली है। उपचार को लेकर किसी भी मरीज को परेशानी पेश नहीं आने दी जाएगी।