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डीडीयू में एक मरीज के साथ एक तीमारदार को मिलेगा प्रवेश
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कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते लगाई पाबंदी, अस्पताल परिसर में भीड़ न लगाने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) प्रबंधन सतर्क हो गया है। अस्पताल प्रबंधन ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि एक मरीज के साथ केवल एक ही तीमारदार को अस्पताल में प्रवेश दिया जाए।
अस्पताल में जहां सामाजिक दूरी की अनुपालना होगी वहीं ओपीडी और वार्डों के भीतर बेवजह लगने वाली भीड़ से भी निजात मिलेगी। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में रोजाना 6 सौ से अधिक ओपीडी रहती है। इसके चलते ओपीडी और वार्डों में मरीजों और उनके तीमारदारों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। तीसरी लहर से बचाव के लिए अस्पताल प्रबंधन ने जहां सुरक्षा कर्मियों को अस्पताल में प्रवेश करने के दौरान मरीजों से पूछताछ के बाद अंदर आने की अनुमति देने को कहा है वहीं एक जगह पर कई लोगों के एकसाथ न खड़े होने के निर्देश भी कर्मियों को दिए हैं। शनिवार को ओपीडी से उपचार के बाद डॉक्टरों द्वारा लिखे गए एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट को जाने वाले मरीजों को इन्हीं निर्देशों के तहत प्रवेश दिया गया।
सामाजिक दूरी की करवाई जा रही अनुपालना
डीडीयू अस्पताल के एमएमस डॉ. रविंद्र मोक्टा ने बताया कि एक मरीज के साथ एक तीमारदार होने से सामाजिक दूरी की अनुपालना होगी। संक्रमण से भी बचाव हो सकेगा। प्रबंधन अस्पताल में हर तरह का एहतियात बरत रहा है।
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मुख्यद्वार के पास होता है कोविड टेस्ट
अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर कोविड टेस्ट संबंधी सारी प्रक्रिया होती है। ओपीडी के बाद दवाइयां लेने और टेस्ट करवाने के लिए लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं। ऐसे में मुख्य द्वार से केवल उन मरीजों को अंदर जाने दिया जाता है जिन्होंने टेस्ट करवाने हों। इसके अलावा बेवजह घूम रहे लोगों को यहां से लौटाया जाता है ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो। इसी द्वार से अस्पताल के भीतर वार्ड को जाने का रास्ता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) प्रबंधन सतर्क हो गया है। अस्पताल प्रबंधन ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि एक मरीज के साथ केवल एक ही तीमारदार को अस्पताल में प्रवेश दिया जाए।
अस्पताल में जहां सामाजिक दूरी की अनुपालना होगी वहीं ओपीडी और वार्डों के भीतर बेवजह लगने वाली भीड़ से भी निजात मिलेगी। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में रोजाना 6 सौ से अधिक ओपीडी रहती है। इसके चलते ओपीडी और वार्डों में मरीजों और उनके तीमारदारों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। तीसरी लहर से बचाव के लिए अस्पताल प्रबंधन ने जहां सुरक्षा कर्मियों को अस्पताल में प्रवेश करने के दौरान मरीजों से पूछताछ के बाद अंदर आने की अनुमति देने को कहा है वहीं एक जगह पर कई लोगों के एकसाथ न खड़े होने के निर्देश भी कर्मियों को दिए हैं। शनिवार को ओपीडी से उपचार के बाद डॉक्टरों द्वारा लिखे गए एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट को जाने वाले मरीजों को इन्हीं निर्देशों के तहत प्रवेश दिया गया।
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सामाजिक दूरी की करवाई जा रही अनुपालना
डीडीयू अस्पताल के एमएमस डॉ. रविंद्र मोक्टा ने बताया कि एक मरीज के साथ एक तीमारदार होने से सामाजिक दूरी की अनुपालना होगी। संक्रमण से भी बचाव हो सकेगा। प्रबंधन अस्पताल में हर तरह का एहतियात बरत रहा है।
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मुख्यद्वार के पास होता है कोविड टेस्ट
अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर कोविड टेस्ट संबंधी सारी प्रक्रिया होती है। ओपीडी के बाद दवाइयां लेने और टेस्ट करवाने के लिए लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं। ऐसे में मुख्य द्वार से केवल उन मरीजों को अंदर जाने दिया जाता है जिन्होंने टेस्ट करवाने हों। इसके अलावा बेवजह घूम रहे लोगों को यहां से लौटाया जाता है ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो। इसी द्वार से अस्पताल के भीतर वार्ड को जाने का रास्ता है।