{"_id":"5fcb864f8ebc3ecfcf5cb26b","slug":"dc-bilaspur-orders-probe-for-dead-man-isolation-orders","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृत व्यक्ति को आइसोलेट होने के फरमान के मामले में बैठाई जांच, दो दिन में मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मृत व्यक्ति को आइसोलेट होने के फरमान के मामले में बैठाई जांच, दो दिन में मांगी रिपोर्ट
Sat, 05 Dec 2020 06:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, घुमारवीं (बिलासपुर)
अमर उजाला नेटवर्क, घुमारवीं (बिलासपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 05 Dec 2020 06:39 PM IST
विज्ञापन
रोहित जम्वाल, उपायुक्त बिलासपुर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य विभाग घुमारवीं के 36 साल पहले मृत व्यक्ति का कोरोना सैंपल लेने के मामले और उसे आइसोलेट होने की हिदायत देने के मामले में उपायुक्त बिलासपुर रोहित जम्वाल ने जांच बैठा दी है। उपायुक्त ने सीएमओ को मामले की तुरंत जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से पूछा है कि कर्मियों से इतनी बड़ी गलती कैसे हुई? इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। घुमारवीं स्वास्थ्य विभाग की इस गलती से कोविड टेस्ट के आंकड़ों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार घुमारवीं स्वास्थ्य विभाग की टीम एक दिसंबर को पडयालग पंचायत के गांव बाड़ी में सैंपल लेने के लिए गई। गांव के लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें एक परिवार से मदनलाल, उनकी पत्नी और बेटे के भी सैंपल लिए गए।
विज्ञापन
सैंपल लेने के बाद मदन लाल को फोन पर स्वास्थ्य विभाग ने संदेश भेजा, जिसमें मदनलाल के पिता प्रभुराम के सैंपल लेने की बात कही गई। मेसेज देख कर परिवार वाले हैरत में पड़ गए, क्योंकि मदन लाल पिता प्रभुलाल का देहांत हुए 36 साल हो चुके हैं। मदनलाल ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है।
विज्ञापन
सीएमओ बिलासपुर को जांच के आदेश दिए हैं। कहा गया है कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई, इसकी रिपोर्ट दो दिन में सौंपी जाए। इसमें कोई भी अधिकारी या कर्मचारी गलत पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - रोहित जम्वाल, उपायुक्त बिलासपुर