{"_id":"6388ac61b151c705ff792b42","slug":"daughter-in-law-received-national-award-after-taking-training-from-padma-shri-mother-in-law-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: पद्मश्री सास से प्रशिक्षण लेकर बहू ने हासिल किया राष्ट्रीय अवार्ड, जानें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: पद्मश्री सास से प्रशिक्षण लेकर बहू ने हासिल किया राष्ट्रीय अवार्ड, जानें पूरा मामला
Thu, 01 Dec 2022 07:06 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 01 Dec 2022 07:06 PM IST
सार
चंबा शहर के एक परिवार में रहने वाली महिला ने अपनी पद्मश्री सास से चंबा रुमाल का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड हासिल किया है। महिला ने इसका पूरा श्रेय अपनी सास और परिवार को दिया है।
विज्ञापन
पद्मश्री ललिता वकील अपनी बहू अंजलि वकील के साथ।
- फोटो : संवाद
विस्तार
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां सास-बहू के बीच में लड़ाई-झगड़े की घटनाएं आम हो गई हैं। वहीं चंबा शहर के एक परिवार में रहने वाली महिला ने अपनी पद्मश्री सास से चंबा रुमाल का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड हासिल किया है। महिला ने इसका पूरा श्रेय अपनी सास और परिवार को दिया है। शादी करने के बाद उन्होंने अपनी सास से चंबा रुमाल बनाने का प्रशिक्षण लिया। 16 साल की कड़ी मेहनत के बाद इस मुकाम को हासिल किया। ऐसे में चंबा शहर की इस सास-बहू ने आपसी प्यार को दुनिया के सामने एक मिसाल बनाकर पेश किया है। अंजलि वकील को कुछ दिन पहले केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय अवार्ड दिया गया है।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें यह सम्मान दिया। अंजलि ने कहा कि 16 साल पहले जब उनकी शादी हुई थी तो उनकी सास पद्मश्री ललिता वकील चंबा रुमाल में महारत हासिल करने वाली महिलाओं में शुमार थीं। उनके पास कई युवतियां प्रशिक्षण लेने के लिए घर पर आती थीं। उनसे प्रेरणा पाकर उन्होंने भी चंबा रुमाल बनाना शुरू किया। वर्ष 2018 में उन्होंने चंबा रुमाल में दसमा विद्या बनाकर राष्ट्रीय अवार्ड के लिए भेजा। इस रुमाल में उन्होंने विभिन्न देवियों की आकृति उकेरी थी। इसे बनाने के लिए उन्होंने काफी दिनों तक परिश्रम किया। रंगों का मेल करके कलाकृतियों का आकर्षित बनाकर कढ़ाई करके रुमाल में उकेरा। उनके इस रुमाल को अवार्ड के लिए चयनित किया गया। राष्ट्रीय अवार्ड आने से खुशी की लहर है।
विज्ञापन
चंबा रुमाल बनाने की कला देश और विदेश में जानी जाए : ललिता
ललिता वकील ने बताया कि उनकी बहू ने राष्ट्रीय अवार्ड हासिल करके उनका नाम रोशन किया है। हालांकि उन्होंने अपनी बहू को इसमें ज्यादा प्रशिक्षण नहीं दिया। जरा सा समझाने पर बहू ने स्वयं मेहनत करके इस मुकाम को हासिल किया। वह दर्जनों युवतियों को प्रशिक्षित कर चुकी हैं। उनका एक ही मकसद है कि चंबा रुमाल बनाने की कला देश और विदेश में जानी जाए।
विज्ञापन