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हिमाचल के 180 पुलों पर सफर खतरनाक
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 05 Sep 2014 10:36 AM IST
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हिमाचल प्रदेश के 180 पुल जर्जर हो चुके हैं। नौ टन से कम भार उठाने की क्षमता वाले 70 साल पुराने इन पुलों से सफर करना खतरनाक है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग से ऐसे पुलों की रिपोर्ट तलब की है।
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यही नहीं, अधिकारियों से यह भी पूछा गया है कि साल भर के भीतर ऐसे कितने पुलों का निरीक्ष्ाण किया गया है। प्रदेश में इस समय डेढ़ हजार पुल हैं। इनमें 180 पुल 70 से 100 साल पुराने हैं। कई 150 साल पूरे कर चुके हैं।
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कुछ पुल ऐसे भी हैं जो आर्क ब्रिज आकार के बने हैं। हमीरपुर और मंडी की सीमा पर जाहू में पुल के साथ तीन लोगों के बहने के अलावा इन जर्जर पुलों पर कई हादसे हो चुके हैं। लगातार हादसों के बाद ही सरकार ने विभाग से ऐसे सभी पुलों की रिपोर्ट तलब की है।
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लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में खतरनाक पुलों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रदेश के सभी चीफ इंजीनियरों को इस बारे में पत्र लिखे गए हैं। रिपोर्ट सरकार को सौंपी जानी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पुल 9 टन पास हैं। उन्होंने माना कि पुलों पर 9 टनों से अधिक भार वाले वाहन दौड़ रहे हैं। इस बारे में विभाग नियम तैयार कर रहा है।