एचपीयू के पूर्व वीसी वाजपेयी पर कसा शिकंजा, CVC के आदेश पर जांच शुरू
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एडीएन वाजपेयी के खिलाफ प्रदेश सरकार ने जांच शुरू कर दी है। पूर्व कुलपति पर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में अनियमितताएं बरतने, पैसों के लेनदेन और नौकरी देने के नाम पर एक महिला का उत्पीड़न करने का आरोप है।
केंद्रीय विजिलेंस कमीशन नई दिल्ली के आदेशों पर हिमाचल सरकार ने यह जांच बैठाई है। कमीशन को किसी व्यक्ति ने भर्तियों में चहेतों को लाभ देने का आरोप लगाया है। महिला का उत्पीड़न करने की शिकायत भी कमीशन को की गई है। कमीशन ने मामला संज्ञान में आते ही प्रदेश सरकार को जांच के आदेश दिए।
संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा नरेश ठाकुर को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। जांच कमेटी ने विश्वविद्यालय से भर्तियों का सारा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। पूर्व कुलपति एडीएन वाजपेयी पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय में की गई असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में तय नियमों को दरकिनार कर भर्तियां कीं। रोस्टर को सही तरीके से लागू नहीं किया गया। भर्तियां करने में पैसों का लेनदेन हुआ।
पहले भी उठा था महिला उत्पीड़न का मामला
एडीएन वाजपेयी जब विवि के कुलपति थे, उस समय एक महिला का बेनामी पत्र जारी हुआ था। महिला ने कुलपति पर नौकरी देने के नाम पर घर बुलाकर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
हालांकि, इस आरोप को वाजपेयी ने सिरे से नकारते हुए उनकी छवि को खराब करने के लिए रचा गया षड्यंत्र बताया था। अब दोबारा से यह मामला उठने से एचपीयू में माहौल गरमा गया है।
इन आरोपों की हो रही है जांच
असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी देने के लिए 15-15 लाख रुपये लिए
रिजर्व ओबीसी वर्ग के पद के लिए एक ही व्यक्ति को साक्षात्कार के लिए बुलाया
एक ऐसे व्यक्ति को नियुक्ति दी गई, जिसने न तो नेट क्वालिफाई किया और न ही पीएचडी की
गणित विषय की पात्रता परीक्षा में 64 अंक अर्जित करने वाले को साक्षात्कार में 2 ही अंक दिए
हिंदी विभाग में जिस व्यक्ति के 80 में से 63 अंक आए, उसे बाहर कर दिया गया जबकि इससे कम अंक वाले को नियुक्ति दे दी
अर्थशास्त्र विषय में पांच साल के अनुभव की शर्त को जोड़ा गया। इस पद के लिए 14 लोगों ने आवेदन किया। दो लोग इसके लिए पात्र बने। साक्षात्कार में केवल एक ही व्यक्ति आया और उसे नियुक्ति भी दे दी गई