कर्फ्यू के दौरान इन नंबरों पर फोन कर सकेंगे दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचली
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को बताया कि सरकार की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन की अवधि के दौरान सूचना का उचित प्रबंधन, संग्रह और प्रवाह हो। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए एक राज्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 वायरस को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी सहित सभी आवश्यक एहतियाती उपायों को प्रदेश में लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू और लॉकडाउन के कारण फंसे हुए लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश के अन्य राज्यों में रहने वाले हिमाचल के लोगों को संकट की इस घड़ी में सही जानकारी, सूचना और अन्य आवश्यक सहायता मिले, इसके लिए त्वरित संचार के साधन अपनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने समर्पित हेल्पलाइन नंबर, 0177-2626076, 0177-2626077, 0177-2622204, 0177-2629688, 0177-2629939 और 0177-2621154 (फैक्स) स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि फोन नंबर 0177-2626076 और 0177-2626077 चार टीमों की ओर से सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे और दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक बारी-बारी संचालित किए जाएंगे और शेष फोन नंबर राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (एसईओसी) कर्मचारियों की ओर से 24 घंटे संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये टीमें हिमाचल प्रदेश सचिवालय में स्थापित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (एसईओसी) से कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि यह सभी टीमें प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा की निगरानी में काम करेंगी, जिनकी कोविड-19 महामारी के राज्य नोडल अधिकारी डीसी राणा सहायता करेंगे।
9030 मजदूर राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बुधवार को भी विभिन्न सीमावर्ती जिलों में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। सीएम ने कहा कि अब तक 9030 मजदूर राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं और 6583 व्यक्ति और 10,000 झुग्गियों के परिवार विभिन्न जिलों में हैं।
उन्होंने कहा कि इन लोगों में से 334 को आश्रय की आवश्यकता थी जो उन्हें प्रदान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 8,210 व्यक्तियों और 10,000 परिवारों को राशन के रूप में सहायता की आवश्यकता थी, जिसकी उन्हें आपूर्ति कर दी गई है।