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Shimla News: बलराम पूर्णिमा पर गूंजा हरिनाम संकीर्तन
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भगवान बलराम का हुआ विधिवत अभिषेक, कथा में लीलाओं और महिमा का बखान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बीसीएस स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार को बलराम पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित बलराम कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 11 बजे हरिनाम संकीर्तन से हुआ। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे भगवान बलराम का विधिवत अभिषेक किया गया। वैष्णव भजनों और कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक कर उनकी आराधना की। इस दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। दोपहर दो बजे आनंद प्रभु ने बलराम कथा सुनाई। उन्होंने भगवान बलराम के प्राकट्य, उनकी विभिन्न दिव्य लीलाओं, भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनके संबंध और आध्यात्मिक जीवन में उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान बलराम श्रीकृष्ण के प्रथम विस्तार हैं और उन्हें गुरु-तत्व का मूल स्वरूप माना जाता है। उनकी कृपा से साधक को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है और भगवान की भक्ति में दृढ़ता आती है। कथा के अंत में महाआरती का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने सामूहिक कीर्तन और भजनों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को भोज प्रसाद वितरित किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बीसीएस स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार को बलराम पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित बलराम कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 11 बजे हरिनाम संकीर्तन से हुआ। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे भगवान बलराम का विधिवत अभिषेक किया गया। वैष्णव भजनों और कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक कर उनकी आराधना की। इस दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। दोपहर दो बजे आनंद प्रभु ने बलराम कथा सुनाई। उन्होंने भगवान बलराम के प्राकट्य, उनकी विभिन्न दिव्य लीलाओं, भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनके संबंध और आध्यात्मिक जीवन में उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान बलराम श्रीकृष्ण के प्रथम विस्तार हैं और उन्हें गुरु-तत्व का मूल स्वरूप माना जाता है। उनकी कृपा से साधक को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है और भगवान की भक्ति में दृढ़ता आती है। कथा के अंत में महाआरती का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने सामूहिक कीर्तन और भजनों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को भोज प्रसाद वितरित किया गया।