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Shimla News: प्रदेश में स्वाइन फ्लू से दो मौतों और बढ़ते मामलों के बीच फिर अलर्ट

Sun, 30 Aug 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:55 PM IST
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health news shimla
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी की एडवाइजरी, की जा ही निगरानी
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जिलेभर में चिकित्सकों को अलर्ट रहने के निर्देश, रेंडम होंगे सभी टेस्ट
आईजीएमसी में कोविड वार्ड को आइसोलेशन में बदला, जिले भी पृथक होंगे वार्ड
अमर उजाला ब्यूरो

शिमला। प्रदेश में स्वाइन फ्लू से दो मौतों और बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य महकमे ने फिर अलर्ट किया है। लोगों को खांसी, बुखार और जुकाम के मरीजों को तुरंत अस्पताल में उपचार करवाने की सलाह दी है। इसी के साथ भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जाने पर मास्क का प्रयोग करने के लिए कहा है। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है। साथ ही इसकी निगरानी की जा रही है। एनएचएम की ओर से फिर गाइडलाइन भी प्रदेश के सभी अस्पतालों को भेजी है।

इसके अलावा स्वास्थ्य महकमे ने चिकित्सकों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अस्पतालों में वायरल मामलों में रेंडम सैंपलिंग करने के लिए भी कहा है। इसी के साथ अगर किसी को स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण नजर आते है तो भी तुरंत टेस्ट करवाए जाएंगे। वहीं, जिलों में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किए हैं। वहीं, आईजीएमसी में कोविड वार्ड को ही स्वाइन फ्लू आइसोलेशन वार्ड में बदला है। आमतौर पर बुखार, जुकाम व वायरल से ग्रसित मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देते है। ऐसे में पता नहीं चल पाता है कि यह सामान्य वायरल है या स्वाइन फ्लू से पीड़ित है। चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू ड्रॉपलेट इंफेक्शन से फैलता है। खांसने, छींकने से जो ड्रॉपलेट्स गिरते हैं, वो जब हवा में जाते हैं तो उसके दायरे में जो लोग भी आते हैं, उनसे यह वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर कोई संक्रमित व्यक्ति की चपेट में आता है तो उन्हें एहतियात बरतने के लिए कहा है।
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इनसेट

स्वाइन फ्लू के लक्षण
- तेज बुखार और ठंड लगना
- खांसी, गले में खराश
- नाक बहना या बंद होना
- शरीर और सिर में दर्द, कमजोरी
- कुछ मामलों में उल्टी और दस्त



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स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है:


- संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों से

- संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से

- भीड़भाड़ वाले स्थानों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

- हाथों की साफ-सफाई न रखने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।

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स्वाइन फ्लू से बचाव

- खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें और मास्क पहनें।

- हाथों को साबुन से बार-बार धोएं।

- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।

- बीमार होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
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