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Shimla News: मृगशिरा नक्षत्र के शुभ योग में आज मनाई जाएगी वैशाखी
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पवित्र नदियों में स्नान और दान करने का है विशेष महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वैशाख संक्रांति 13 अप्रैल को धूमधाम से मनाई जाएगी। वैशाख संक्राति पर मृगशिरा नक्षत्र का शुभ योग बन रहा है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंद को दान करने से शुभ फल प्राप्त होता है। राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि वैशाख संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 02:40 बजे से शुरू होगा। वहीं सूर्य शनिवार रात 09:04 बजे मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। पुण्यकाल और सूर्य के गोचर के दौरान दान पुण्य करने का विशेष महत्व है। दान करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। गरीबों में अन्न, गेहूं, तिल, लाल वस्त्र, गुड़ का दान करें। उन्होंने बताया कि वैशाख संक्रांति से सौर वर्ष का आरंभ होता है क्योंकि इस दिन सूर्य चक्र की पहली राशि में प्रवेश करते है। यहां से सभी राशियों में भ्रमण का चक्र शुरू होता है।
वैशाख संक्रांति के दिन सूर्यदेव की आराधना और दान-पुण्य का बहुत महत्व है। वैशाख संक्रांति को नए साल की शुरुआत माना जाता है। इसे वैदिक नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। सूर्यदेव को ग्रहों का राजा कहा जाता है, इसलिए इनके गोचर का असर हम सभी के जीवन पर भी पड़ता है। वैशाख संक्रांति का दिन कृषि और किसानों के लिए विशेष महत्व होता है। इस दिन से फसल कटाई शुरू होती है।
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अमृतसर से हजूरी रागी जत्था कीर्तन से संगत को करेंगे निहाल
गुरद्वारा साहिब श्री गुरु सिंघ सभा शिमला में खालसा पंथ का 325वां सिरजना दिवस मनाया जाएगा। दरबार साहिब अमृतसर से रागी जत्था सतनाम सिंह बैंका, सुखजिंदर सिंह, मुख्य ग्रंथी हरजीत सिंह, ग्रंथी शिमला जसविंदर सिंह और स्त्री सत्संग सभा शिमला गुरमत विचारों से संगत को निहाल करेंगे। सुबह 04:30 से दोपहर 02:40 और शाम 07:00 से रात 10:00 बजे तक दीवान सजाए जाएंगे। संगत के लिए लंगर लगाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वैशाख संक्रांति 13 अप्रैल को धूमधाम से मनाई जाएगी। वैशाख संक्राति पर मृगशिरा नक्षत्र का शुभ योग बन रहा है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंद को दान करने से शुभ फल प्राप्त होता है। राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि वैशाख संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 02:40 बजे से शुरू होगा। वहीं सूर्य शनिवार रात 09:04 बजे मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। पुण्यकाल और सूर्य के गोचर के दौरान दान पुण्य करने का विशेष महत्व है। दान करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। गरीबों में अन्न, गेहूं, तिल, लाल वस्त्र, गुड़ का दान करें। उन्होंने बताया कि वैशाख संक्रांति से सौर वर्ष का आरंभ होता है क्योंकि इस दिन सूर्य चक्र की पहली राशि में प्रवेश करते है। यहां से सभी राशियों में भ्रमण का चक्र शुरू होता है।
वैशाख संक्रांति के दिन सूर्यदेव की आराधना और दान-पुण्य का बहुत महत्व है। वैशाख संक्रांति को नए साल की शुरुआत माना जाता है। इसे वैदिक नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। सूर्यदेव को ग्रहों का राजा कहा जाता है, इसलिए इनके गोचर का असर हम सभी के जीवन पर भी पड़ता है। वैशाख संक्रांति का दिन कृषि और किसानों के लिए विशेष महत्व होता है। इस दिन से फसल कटाई शुरू होती है।
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अमृतसर से हजूरी रागी जत्था कीर्तन से संगत को करेंगे निहाल
गुरद्वारा साहिब श्री गुरु सिंघ सभा शिमला में खालसा पंथ का 325वां सिरजना दिवस मनाया जाएगा। दरबार साहिब अमृतसर से रागी जत्था सतनाम सिंह बैंका, सुखजिंदर सिंह, मुख्य ग्रंथी हरजीत सिंह, ग्रंथी शिमला जसविंदर सिंह और स्त्री सत्संग सभा शिमला गुरमत विचारों से संगत को निहाल करेंगे। सुबह 04:30 से दोपहर 02:40 और शाम 07:00 से रात 10:00 बजे तक दीवान सजाए जाएंगे। संगत के लिए लंगर लगाया जाएगा।
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