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औषधीय फसल की खेती से महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर : चंद्रेश ठाकुर
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बागा-सराहन में जायका कमेटी कर रही प्रयास, उत्पादों की बिक्री के लिए बनेगा शी मार्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। विकास खंड निरमंड की बागा सराहन पंचायत में जायका कमेटी की ओर से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए औषधीय फसल की खेती से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसके माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। पंचायत उपप्रधान चंद्रेश ठाकुर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। औषधीय फसलों की खेती से महिलाएं अपनी आय बढ़ाकर परिवार की आर्थिकी में योगदान दे सकेंगी। इससे महिला सशक्तीकरण और वन संसाधनों के सतत उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। चंद्रेश ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए वीबी-ग्राम योजना के तहत शी मार्ट बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाएं अपने उत्पाद देशभर में बेच सकेंगी और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर मिलेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। विकास खंड निरमंड की बागा सराहन पंचायत में जायका कमेटी की ओर से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए औषधीय फसल की खेती से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसके माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। पंचायत उपप्रधान चंद्रेश ठाकुर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। औषधीय फसलों की खेती से महिलाएं अपनी आय बढ़ाकर परिवार की आर्थिकी में योगदान दे सकेंगी। इससे महिला सशक्तीकरण और वन संसाधनों के सतत उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। चंद्रेश ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए वीबी-ग्राम योजना के तहत शी मार्ट बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाएं अपने उत्पाद देशभर में बेच सकेंगी और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर मिलेंगे।