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सीयू ने पत्रकारिता की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में डाला 50 फीसदी पुराना पेपर, ऑप्शन तक नहीं बदले
Wed, 04 Mar 2020 10:57 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 04 Mar 2020 10:57 AM IST
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हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की पत्रकारिता में पीएचडी प्रवेश परीक्षा विवादों में आ गई है। पहली मार्च को हुई परीक्षा में पुराने प्रश्न पत्र के ही 50 फीसदी प्रश्न दोहरा दिए गए हैं।
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अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में पत्रकारिता विषय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शोध पद्धति से संबंधित एक से 50 नंबर तक प्रश्न आए थे, इस बार वही प्रश्न 51 से 100 नंबर तक डाले गए। इनके उत्तर के ऑप्शन तक नहीं बदले गए। ऐसे में अभ्यर्थियों ने केंद्रीय विवि प्रशासन पर चहेतों को दाखिला देने का आरोप लगाया है।
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे थे, जिसमें 50 पत्रकारिता विषय से संबंधित और 50 शोध पद्धति पर पूछे जाते हैं। केंद्रीय विवि ने इस बार 24 विषयों की 236 सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया था, जिसमें पत्रकारिता विषय की पांच सीटें हैं। अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई है।
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अंग्रेजी माध्यम में ही प्रश्न आने पर उठाए सवाल
केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के दावे करता है, लेकिन धरातल पर वास्तविकता कुछ और ही है। पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में थे, जिसे हल करने में हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को परेशानी हुई।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए प्रश्न पेपर बैंक से उठाए गए हैं। अगर 2017 के प्रश्न पत्र के अधिकतर प्रश्न आए हैं तो इस बारे मुझे जानकारी नहीं है। अभी तक ऐसी कोई भी शिकायत या मांग भी नहीं आई है, जिसमें पेपर रद्द करने की बात कही गई हो। -संजीव शर्मा, रजिस्ट्रार, सीयू