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Cryptocurrency fraud case: क्रिप्टोकरेंसी मामले में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पुलिस की गिरफ्त से दूर
Tue, 05 Dec 2023 10:33 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 05 Dec 2023 10:33 AM IST
सार
हिमाचल पुलिस ने उत्तर प्रदेश की पुलिस से सहयोग मांगा है। इस आरोपी ने क्रिप्टोकरेंसी मामले में प्रोफेशनल तरीके से ठगी को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
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क्रिप्टो करेंसी ठगी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में सॉफ्टवेयर तैयार करने वाला इंजीनियर अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। यह आरोपी मेरठ का रहने वाला बताया जा रहा है। तीन बार दबिश देने के बाद भी ये अपने ठिकाने बदल रहा है। आरोपी को पकड़ने के लिए हिमाचल पुलिस ने उत्तर प्रदेश की पुलिस से सहयोग मांगा है। इस आरोपी ने क्रिप्टोकरेंसी मामले में प्रोफेशनल तरीके से ठगी को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। यह आरोपी प्रशिक्षण लेने के सिलसिले में कई बार दुबई गया है। पेशे से यह इंजीनियर बताया जा रहा है। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए आरोपी ने विदेश में डिजिटल करेंसी का पूरा खेल समझा।
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भारत लौटकर एक साॅफ्टवेयर तैयार किया। उसके बाद शातिर आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट तैयार की, जिसमें निवेशकों को उनकी आईडी खोलने पर एक डिजिटल करेंसी में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी दिखती थी। वास्तव में ऐसा नहीं था। दोगुना रिटर्न के लालच में लोगों के समक्ष डिजिटल करेंसी का ऐसा जाल बुना गया कि लोग इनके झांसे में आते गए। लोगों ने पैसा डबल करने के चक्कर में निवेश करना शुरू कर दिया। पुलिस एसआईटी का मानना है कि शातिर आरोपियों ने 4 से 5 सॉफ्टवेयर तैयार किए। इसके अलावा कई फर्जी वेबसाइट भी बनाई हैं। इससे संबंधित रिकॉर्ड जांच टीम पहले ही जुटा चुकी है।
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