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कुदरत के कहर ने तोड़ी प्रदेश के किसानों की कमर

Wed, 18 May 2016 01:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 18 May 2016 01:55 PM IST
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crops destroyed due to Hailstorm and rain in himachal
ओलावृष्टि से बर्बाद हई फूलगोभी की फसल। - फोटो : अमर उजाला

शिमला के ग्रामीण इलाकों में दस मई को भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मशोबरा खंड के तहत आने वाले दर्जनों गांव के सैकड़ों किसान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उनकी कोई सुध नहीं ली गई है। फसलों के नुकसान को लेकर कोई आर्थिक सहायता प्रशासन की ओर से नहीं दी गई। किसान सभा ने भी इसमें कड़ा ऐतराज जताया है।

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किसान सभा के प्रतिनिधियों का दावा है कि उन्होंने कुछ जगहों पर मौके पर जाकर तबाह हुई फसलों को देखा। मशोबरा खंड सहित विभिन्न इलाकों में भयंकर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि इतनी भयंकर थी कि किसानों की फूलगोभी, फ्रांसबीन, टमाटर, मटर आदि की फसलें मिट्टी में मिल गई।
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किसानों को लगे सदमे का ये आलम है कि पटगैहर पंचायत के क्लाबो गांव के किसान सोहन लाल की करीब छ: बीघा में टमाटर तथा फूलगोभी की फसल थी। सारी फसल बर्बाद हो गई है। किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर भी लोकल कमेटी के सदस्यों के साथ पटगैहर पंचायत पहुंचे।
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इनके साथ सत्यवान पुंडीर, कसुम्पटी कमेटी के सदस्य जोगिन्द्र ठाकुर, नवीन शर्मा, मेहर सिंह पाल भी शामिल थे। इन्होंने पंचायत के गझैया, दनी, रछोई, दिगठी, क्लाबो, पटगैहर, क्याली, गवाही आदि क्षेत्रों का दौरा करके ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान को देखा।

क्या कहते हैं किसान

crops destroyed due to Hailstorm and rain in himachal
दनी गांव के युवा देवेंद्र शर्मा ने फूलगोभी का 9500 रुपये का बीज लगाया था। - फोटो : अमर उजाला

दिगठी गांव के किसानों जगदीश, अमर सिंह, सुनील कुमार, राधा, मनोज के अनुसार फूलगोभी, फ्रांस बीन, टमाटर आदि फसलों की एक बीघा में केवल बीज की लागत लगभग 2000 रुपये आती है और बाजार तक पहुंचते-पहुंचते यह लागत कई हजारों में पहुंच जाती है। दनी गांव के युवा देवेंद्र शर्मा ने फूलगोभी का 9500 रुपये का बीज लगाया था।

अब तक खाद, दवा, मजदूरी पर बीस हजार रुपये खर्च कर चुके थे, लेकिन उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई। इसी तरह की स्थिति गझैया, रछोई, कुफर तथा दनी गांव के किसान चंद्र कुमार, मदन शर्मा, मनसा राम, विद्या दत्त शर्मा, दिवाकर शर्मा, विनय, ओम प्रकाश, नारायण दत्त शास्त्री, उमा दत्त, पंकज शर्मा, नरेश, सुरेंद्र कुमार की भी है।

52 साल में पहली बार देखी ऐसी भयंकर ओलावृष्टि
पटगैहर पंचायत के पूर्व प्रधान  विजय वर्मा के मुताबिक 52 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार इस तरह की भयंकर ओलावृष्टि देखी जिसने खेत में गड्ढे कर दिए। वर्मा ने बताया कि उन्होंने 4 किलो फ्रांसबीन लगाई थी। सारी बर्बाद हो गई है।

किसान सभा ने की राहत की मांग

नुकसान और किसानों की नाजुक स्थिति को देखते हुए किसान सभा ने सरकार से किसानों को  राहत देने की मांग की है। किसान सभा अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि ओलावृष्टि से किसानों का दोहरा नुकसान हुआ है। प्रशासन तुरंत प्रभावित पंचायत का दौरा करके नुकसान का जायजा ले। उन्होंने कहा कि इन पंचायतों में नुकसान का जो आलम है, उसे देखते हुए मनरेगा में 200 दिन का रोजगार देने का विशेष प्रावधान की मंजूरी दी जाए।

फसलों की बर्बादी की नहीं कोई रिपोर्ट

ओलावृष्टि के कारण हुई क्षति का जायजा लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक छह  मकानों को क्षति पहुंची थी। उन्हें प्रशासन की ओर से  साठ हजार की फौरन राहत राशि दी गई जबकि फसलों की बर्बादी की कोई रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है। इसके अलावा खेत खलियान और मकानों के क्षति की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में सौंप दी गई है। -जीएस नेगी, एसडीएम शिमला ग्रामीण

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